दूर-दराज के इलाकों में सिनेमाघर खोलने से फिल्म जगत को मदद मिलेगी : आमिर

वडोदरा,  अभिनेता आमिर खान चाहते हैं कि भारत के छोटे-छोटे शहरों और दूर-दराज के इलाकों में और अधिक सिनेमाघर खोले जाने चाहिए क्योंकि इनके जरिये फिल्मों की व्यापक पहुंच होने से भारतीय फिल्म जगत के विकास में उल्लेखनीय योगदान मिलेगा।

अपने प्रोडक्शन की आने वाली फिल्म ‘सीक्रेट सुपरस्टार’ के प्रचार के लिए शहर आए आमिर ने कहा, ‘‘देशभर में, विशेषकर दूर-दराज के इलाकों और छोटे शहरों में में नये सिनेमाघर खोलने की दिशा में जरूर कदम उठाये जाने चाहिए।’’ उन्होंने बताया, ‘‘चीन में करीब 45,000 सिनेमाघर है जबकि हमारे यहां सभी भाषाओं में मुश्किल से 10,000 सिनेमाघर है। यह वास्तव में कुछ ऐसा है जिससे हमें सीखना चाहिए। हमें अधिक सिनेमाघरों की जरूरत है। मुझे लगता है कि ऐसा होने पर भारतीय फिल्म जगत को मदद मिलेगी।’’ 52 वर्षीय अभिनेता ने कहा कि देश में सिनेमाघरों की कम संख्या के कारण दो बड़ी फिल्मों को एक साथ प्रदर्शित करने में फिल्म निर्मताओं को अक्सर परेशानी का सामना करना पड़ता है। उन्होंने कहा, ‘‘इसका असर बॉक्स ऑफिस की कमाई पर भी होता है। छोटे शहरों के सिनेमाघर किफायती और सस्ती कीमत की टिकटों पर लोगों को फिल्म दिखाने में सक्षम होंगे।’’ कार्यक्रम के दौरान आमिर ने कहा कि ‘महाभारत’ की पृष्ठभूमि पर आधारित उनकी फिल्म उनका सपना है।

उन्होंने कहा, ‘‘‘महाभारत’ की पृष्ठभूमि पर फिल्म बनाना मेरा एक बड़ा सपना है लेकिन मैं फिल्म पर काम शुरू करने से अभी डरता हूं क्योंकि मैं जानता हूं कि इसमें मेरे जीवन के कम से कम 15 से 20 साल लग जाएंगे। मेरा पसंदीदा किरदार कर्ण है लेकिन अपनी कद-काठी के कारण मैं नहीं जानता कि मैं यह किरदार निभा पाऊंगा या नहीं। संभवत: मैं कृष्ण का किरदार कर सकता हूं।’’ अभिनेता ने कहा कि इस विषय पर मैंने शोधकर्ताओं और विशेषज्ञों से चर्चा की है।

उन्होंने कहा ‘‘मुझे अर्जुन का चरित्र भी पसंद है क्योंकि अर्जुन एकमात्र व्यक्ति थे जिन्होंने कृष्ण से पूछा था कि उन्हें अपने ही लोगों को क्यों मारना चाहिए।’’ आमिर ने कहा कि जब उन्होंने गुजरात आने का फैसला किया था तब आयोजकों से उन्होंने खास तौर पर कहा था कि नवरात्र गरबा महोत्सव स्थल पर उनका एक दौरा सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि वह त्यौहार को लेकर लोगों का उत्साह देख कर प्रभावित हैं।