दिलीप कुमार संपत्ति विवाद : मध्यस्थ के समक्ष मामला उठा सकती है कंपनी

नयी दिल्ली,  उच्चतम न्यायालय ने कहा है कि अभिनेता दिलीप कुमार के साथ संपत्ति विवाद में शामिल मुंबई स्थित रियल एस्टेट कंपनी शीर्ष न्यायालय द्वारा नियुक्त मध्यस्थ के समक्ष अभिनेता द्वारा अनुबंध के कथित उल्लंघन का मामला उठा सकती है।

न्यायालय को बताया गया कि दिलीप कुमार ने उसके निर्देश के अनुसार 20 करोड़ रुपये जमा करा दिए हैं। न्यायालय ने अभिनेता को बिल्डर को भुगतान के तौर पर न्यायालय रजिस्ट्री के पास 20 करोड़ रुपये जमा कराने के निर्देश दिए थे। अभिनेता ने बिल्डर के साथ पाली हिल स्थित अपनी संपत्ति पर बंगला बनाने का एक दशक पहले करार किया था।

अभिनेता ने मुंबई की प्रमुख जगह पर स्थित 2412 वर्ग गज जमीन पर निर्माण कार्य के लिए प्राजिता डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड के साथ करार किया था। विवाद तब शुरू हुआ जब निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ और कुमार ने अपना प्लॉट वापस मांगा जिसका कब्जा कंपनी के पास है।

शीर्ष न्यायालय ने 30 अगस्त को न्यायमूर्ति पी वेंकटराम रेड्डी को यह निर्णय लेने के लिए मध्यस्थ नियुक्त किया था क्या प्राजिता 20 करोड़ रुपये से ज्यादा के हर्जाने की हकदार है।

न्यायामूर्ति जे चेलमेश्वर और न्यायमूर्ति एस अब्दुल नजीर केा बताया गया कि मुंबई पुलिस की रिपोर्ट के मुताबिक संपत्ति का कब्जा अभिनेता को दे दिया गया है।

पीठ ने अपने आदेश में कहा, ‘‘अत: प्रथम वादी (प्राजिता) को इस न्यायालय की रजिस्ट्री में जमा 20 करोड़ रुपये की राशि को निकालने की अनुमति दी जाती है।’’ मार्च 2016 में उच्चतम न्यायालय ने कुमार को राहत देते हुए उस याचिका को खारिज कर दिया था जिसमें उन्हें प्राइवेट बिल्डर के साथ विवाद सुलझने तक पाली हिल संपत्ति पर तीसरे पक्ष को अधिकार देने से रोकने का अनुरोध किया गया था।

बिल्डर और दिलीप कुमार के बीच हुए वास्तविक समझौते के अनुसार, उस जमीन पर बनने वाले हर फ्लैट में मालिक (दिलीप कुमार) और बिल्डर का 50-50 फीसद हिस्सा रहेगा इसीलिए प्राजिता डेवलेपर्स ने जमीन के लीजहोल्ड अधिकार ले लिए लेकिन उसने कोई निर्माण कार्य शुरू नहीं किया।

बंबई उच्च न्यायालय ने पिछले साल कंपनी की याचिका खारिज कर दी थी।