डीएचजेएस परीक्षा के साक्षात्कार अंकों का आरटीआई के तहत खुलासा हो : उच्च न्यायालय

नयी दिल्ली, दिल्ली उच्च न्यायालय ने अपने सूचना अधिकारी को निर्देश दिया है कि वह वर्ष 2013 में हुई दिल्ली उच्चतर न्यायिक सेवा (डीएचजेएस) परीक्षा में प्रतिभागियों का साक्षात्कार लेने वाली समिति द्वारा उम्मीदवारों को दिये गये अंकों का आरटीआई के तहत खुलासा करे।

अदालत ने कहा कि परीक्षा के परिणाम सार्वजनिक रूप से डाले जाते हैं, इसलिए सूचना के अधिकार (आरटीआई) के तहत इससे किसी तरह की छूट मिली होने की बात कहने का कोई सवाल ही नहीं उठता।

वर्ष 2013 की डीएचजेएस परीक्षा में बैठे एक परीक्षार्थी की याचिका पर सुनवाई करते हुए अदालत ने यह आदेश किया। अपनी याचिका में उसने साक्षात्कार समिति द्वारा अन्य परीक्षार्थियों को दिये गये साक्षात्कार के अंकों के बारे में सूचना मांगी थी।

केंद्रीय सूचना आयोग (सीआईसी) द्वारा अपनी याचिका खारिज किये जाने के बाद उसने इस आदेश को चुनौती देते हुए उच्च न्यायालय का रुख किया था।

न्यायमूर्ति विभु बाखरू ने कहा, ‘‘उपलब्ध रिकॉर्ड के आधार पर प्रतिवादी को साक्षात्कार समिति द्वारा सभी अभ्यर्थियों को दिये गये अंकों का खुलासा करने का निर्देश देते हुए मौजूदा याचिका का निपटारा किया जाता है।’’ अदालत ने उल्लेख किया कि विवाद साक्षात्कार समित द्वारा अन्य अभ्यर्थियों को दिये गये साक्षात्कार अंकों से संबंधित है।

इसने कहा कि इस मामले में मुद्दा किसी गोपनीय ग्रेडिंग से संबद्ध नहीं है, बल्कि यह डीएचजेएस परीक्षा के तहत अभ्यर्थियों के चयन एवं नियुक्ति के लिये ली गयी सार्वजनिक परीक्षा के परिणाम से संबंधित है।