दोषपूर्ण प्रतिरक्षा तंत्र के कारण होता है अवसाद : अध्ययन

लंदन,  अवसाद, एक दोषपूर्ण प्रतिरक्षा प्रणाली की वजह से होने वाली एक शारीरिक बीमारी है जिसका इलाज सूजन-जलनरोधी दवाओं के इस्तेमाल से किया जा सकता है।

यह जानकारी वैज्ञानिकों के एक अध्ययन में सामने आयी है।

इस समय अवसाद के लिए किये जाने वाले इलाज में सेरोटोनिन और मस्तिष्क में उल्लास को बढ़ावा देने वाले अन्य रसायनों को बनाए रखने पर जोर दिया जाता है।

हालांकि, ब्रिटेन में कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं ने पाया कि अतिसक्रिय प्रतिरक्षा प्रणाली पूरे शरीर में जलन-सूजन को बढ़ाती है जिससे निराशा, दुःख और थकान का अहसास बढ़ता है।

यह रोग या बीमारी के बाद प्रतिरक्षा प्रणाली की सक्रियता कम नहीं होने का लक्षण हो सकता है। यही वजह है कि फ्लू जैसे वायरस से पीड़ित होने के बाद आमतौर पर लोगों को खराब मूड का अनुभव होता है।

हालिया अध्ययनों और क्लिनिकल परीक्षणों में शोधकर्ताओं ने पाया कि सूजन-जलन के उपचार से अवसाद में कमी आती है।

क्रैम्ब्रिज विश्वविद्यालय में प्रोफेसर एड बुलमोरे ने कहा, ‘‘यह स्पष्ट है कि जलन-सूजन से अवसाद हो सकता है।’’ बुलमोरे के हवाले से द टेलीग्राफ ने कहा , ‘‘सूजन-जलन और अवसाद के लक्षणों के बीच एक गहरा संबंध है।’’ कैम्ब्रिज और वेलकम ट्रस्ट के वैज्ञानिक अगले वर्ष परीक्षण आरंभ कर सकते हैं ताकि यह पता लगाया जा सके कि सूजन-जलनरोधी दवाओं से अवसाद खत्म हो सकता है या नहीं।

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