बीते सप्ताह खाद्य तेल कीमतों में कारोबार का मिला जुला रुख

नयी दिल्ली, राष्ट्रीय राजधानी, दिल्ली के थोक तेल एवं तिलहन बाजार में बीते सप्ताह कारोबार का मिला जुला रुख दिखाई दिया जहां मांग बढ़ने के बाद वनस्पति मिलों की लिवाली बढ़ने से चुनिंदा खाद्य तेल कीमतों में तेजी आई जबकि बाजार में पर्याप्त स्टॉक के कारण कुछ अन्य तेल कीमतों में गिरावट दर्ज हुई।

उपभोक्ता उद्योगों का उठाव बढ़ने के कारण अखाद्य तेल खंड में अलसी तेल की कीमत में मजबूती दर्ज हुई।

बाजार सूत्रों ने कहा कि विदेशों में मजबूती के रुख के बीच उत्पादक क्षेत्रों से सीमित आपूर्ति के मुकाबले फुटकर विक्रेताओं की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए वनस्पति मिलों की लिवाली बढ़ने से मुख्यत: चुनिंदा खाद्य तेल कीमतों में तेजी आई।

राष्ट्रीय राजधानी में सरसों एक्सपेलर :दादरी: तेल की कीमत 50 रुपये की तेजी के साथ 7,950 रुपये प्रति क्विन्टल हो गई।

वैश्विक संकेतों के कारण पामोलीन :आरबीडी: और पामोलीन :कांडला: तेलों की कीमतें 100 .. 100 रुपये की तेजी के साथ क्रमश: 5,800 रुपये और 5,850 रुपये प्रति क्विन्टल पर बंद हुई।

सोयाबीन रिफाइंड मिल डिलीवरी :इंदौर: और सोयाबीन देगम :कांडला: तेलों की कीमतें भी 50 .. 50 रुपये की तेजी के साथ क्रमश: 6,800 रुपये और 6,400 रुपये प्रति क्विन्टल पर बंद हुई।

दूसरी ओर मूंगफली मिल डिलीवरी :गुजरात: तेल की कीमत 400 रुपये की गिरावट के साथ 8,000 रुपये प्रति क्विन्टल रह गई जबकि मूंगफली साल्वेंट रिफाइंड तेल की कीमत 100 रुपये की गिरावट के साथ 1,450 .. 1,550 रुपये प्रति क्विन्टल पर बंद हुई।

तिल मिल डिलीवरी तेल की कीमत भी 100 रुपये की गिरावट के साथ 7,700 रुपये प्रति क्विन्टल रह गई।

पेन्ट उद्योगों की ताजा पूछताछ के कारण अखाद्य तेल खंड में अलसी तेल की कीमत 50 रुपये की तेजी के साथ 8,750 रुपये प्रति क्विन्टल हो गयी। जबकि अरंडी तेल की कीमत 9,000 .. 9,100 रुपये प्रति क्विन्टल पर स्थिरता का रुख दर्शाती बंद हुई।