वसा कोशिकाएं कैंसर के प्रसार को कर सकती हैं प्रभावित : अध्ययन

न्यूयार्क, वसा ऊतक विभिन्न तरीकों से कैंसर के प्रसार को प्रभावित कर सकते हैं और यह वसा के प्रकार और शरीर में उसके स्थान पर निर्भर करता है।

एक अध्ययन में यह सामने आया है।

पिछले अध्ययनों में कई तरीकों से यह बात सामने आई थी कि वसा कैंसर की उत्पत्ति में सहायक होता है। उदाहरण के लिए मोटापा जलन के खतरे को बढ़ाता है जो काफी समय से कैंसर से जुड़ा हुआ है। ऐसा भी माना जाता है कि मोटापा कैंसर कोशिका उपापचय और प्रतिरक्षा को प्रभावित करता है और ये सब ट्यूमर के प्रसार में सहायक हो सकते है। अध्ययन में सामने आया कि ये कोशिकाएं स्थूल प्रोस्टेट कैंसर और स्थूल स्तन कैंसर के रोगियों में अधिक संख्या में पायी जाती हैं।

साल्ट लेक शहर में उटाह विश्वविद्यालय की कोरनेलिया उलरिच ने कहा ‘‘मोटापा वैश्विक रूप में तेजी से बढ़ रहा है और अब यह कैंसर के प्रमुख कारकों में एक है। मोटापे से संबंधित विभिन्न प्रकार के 16 कैंसर हैं।’’ यह अध्ययन जर्नल कैंसर प्रीवेन्शन रिसर्च में प्रकाशित हुआ है।