मध्यप्रदेश की स्मार्ट सिटी में निवेश की संभावनाएं तलाशने के लिये ऑस्ट्रेलियाई दल ने किया दौरा

भोपाल, मध्यप्रदेश में स्मार्ट सिटी परियोजनाओं में हिस्सेदारी की संभावनाएं तलाशने के लिये ऑस्ट्रेलिया से आए 30 सदस्यीय एक प्रतिनिधिमंडल ने आज यहां का दौरा किया।

ऑस्ट्रेलिया से आये प्रतिनिधिमंडल ने राजधानी में प्रदेश के नगरीय विकास विभाग के अधिकारियों से भेंट कर मध्यप्रदेश में बनने वाली स्मार्ट सिटी परियोजनाओं में व्यवसायिक हिस्सेदारी की संभावनाओं पर चर्चा की।

भारत सरकार के स्मार्ट सिटी मिशन के तहत मध्यप्रदेश के सात शहरों को चुना गया है। मध्यप्रदेश के भोपाल, इन्दौर, जबलपुर, उज्जैन और ग्वालियर को पहले दो चरणों में चुना गया था और स्मार्ट शहर के तौर पर विकसित किये जाने के लिये सागर और सतना को जून 2017 में चुना गया था। मध्यप्रदेश सरकार ने केन्द्र से मिली 1.4 अरब डॉलर की सीड फंडिंग का लाभ उठाते हुए सात स्मार्ट सिटी में चार अरब डॉलर का निवेश करने की योजना बनायी है।

ऑस्ट्रेलिया सरकार के ऑस्ट्रेलियन ट्रेड एंड इन्वेंस्टमेंट कमीशन के ट्रेड कमिश्नर डॉ गेरसन पैरी ने कहा, ‘‘ऑस्ट्रेलिया के पास पुराने हो चुके बुनियादी ढांचा क्षेत्र की जगह स्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर साल्यूशंस का इस्तेमाल करने और एकीकृत बहुपयोगी ग्रीन-फील्ड परियोजनाओं को विकसित करने का अनुभव है। ऑस्ट्रेलियाई कंपनियां एकीकृत, सुप्रबंधित एवं स्थायी शहरी, वाणिज्यिक एवं औद्योगिक परिवेश मुहैया कराने के लिहाज से उपयुक्त हैं जिन्हें मध्यप्रदेश के स्मार्ट सिटी मिशन प्रोग्राम और व्यापक बुनियादी ढांचा क्षेत्र से जुड़े कार्यक्रमों में लागू किया जा सकता है।’’ यह 30 सदस्यीय ऑस्ट्रेलियाई स्मार्ट इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रतिनिधिमंडल उस 150 सदस्यीय ऑस्ट्रेलियाई कारोबारी प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा है जो द ऑस्ट्रेलियन ट्रेड एंड इन्वेस्टमेंट कमीशन (ऑस्ट्रेड), ऑस्ट्रेलिया सरकार द्वारा आयोजित द ऑस्ट्रेलिया बिज़नेस वीक इन इंडिया 2017 (एबीडब्ल्यूआई) में भाग लेने के लिए फिलहाल भारत यात्रा पर आया है।

एबीडब्ल्यूआई के तहत देश के छह शहरों में 50 से अधिक कारोबारी आयोजन और गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा। एबीडब्ल्यूआई प्रतिनिधिमंडल नयी दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, भोपाल, बेंगलुरू और हैदराबाद का दौरा करेगा। एबीडब्ल्यूआई में सेमिनार, राउंडटेबल और भारतीय कारोबारी, उद्योग और सरकार के साथ अलग-अलग जगहों का दौरा शामिल है। इन दौरों से भारत के साथ ऑस्ट्रेलिया के कारोबार, शिक्षा और निवेश संबंधों को बेहतर बनाने के लिए योजना बनायी गयी है।