क्या केन्द्र घाटी में एकता के लिए माहौल पैदा कर रहा है : फारूक

नयी दिल्ली, किसी का नाम लिये बिना नेशनल कांफ्रेंस नेता एवं जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला ने आज सवाल किया कि क्या केन्द्र कश्मीर घाटी में एकता के लिए माहौल तैयार कर रहा है। उन्होंने कहा कि कथनी और करनी में मेल होना चाहिए।

उन्होंने जदयू के असंतुष्ट नेता शरद यादव द्वारा यहां आयोजित साझी विरासत कार्यक्रम में कहा, ‘‘भारत चीन एवं पाकिस्तान का सामना कर सकता है किन्तु दुर्भाग्य है कि आज खतरा बाहर से नहीं अंदर से है। देश के भीतर ही कोई सब कुछ बिगाड़ने पर लगा हुआ है।’’ कश्मीर एवं कश्मीरियों की चर्चा करते हुए उन्होंने बिना किसी का नाम लिये हुए कहा कि लोग उनकी राष्ट्रीयता पर सवाल उठाने का प्रयास कर रहे हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘हमारी राष्ट्रीयता पूछने वाले वह कौन हैं। हम कश्मीरियों ने विभाजन के समय पाकिस्तान की जगह भारत को चुना क्योंकि भारत में समानता की गारंटी दी गयी और मैं गर्व से कहा सकता हूं कि मैं एक भारतीय मुस्लिम हूं।’’ फारूक ने कहा, ‘‘वे एकता (लोगों से जुड़ने) की बात कर रहे हैं किन्तु क्या वे जोड़ने के लिए माहौल तैयार करना चाहते हैं। वे बात बहुत करते हैं किन्तु कामों में दिखाई नहीं पड़ता।’’ उनकी इस टिप्पणी से पहले स्वाधीनता दिवस के अवसर पर लालकिले की प्राचीर से राष्ट्र के नाम संबोधन में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा था कि कश्मीर समस्या का हल गोली या गाली नहीं बल्कि कश्मीरियों को गले लगाने से हो सकता है।

क्षेत्र की स्थिति को लेकर दुख एवं पीड़ा व्यक्त करते हुए नेशनल कांफ्रेंस के नेता ने कहा, ‘‘हम वफादार हैं किन्तु पीड़ादायक बात है कि वे बड़े दिल के नहीं हैं।’’ उन्होंने कहा कि सर्वदलीय शिष्टमंडल कश्मीर के हालात का जायजा लेने के लिए वहां आया था और उसने अपनी रिपोर्ट भी दी थी किन्तु उस पर अभी तक कुछ नहीं हुआ।