अधिक आय वाले लोग ज्यादातार सप्ताहांत में करते हैं कसरत : अध्ययन

वाशिंगटन,  अधिक आय वाले लोगों की ‘‘सप्ताहांत के योद्धा’’ होने की संभावना ज्यादा रहती है। वे सप्ताह में कुछ ही दिन जमकर कसरत करते हैं। बाकी दिन वे अधिकतर समय बैठे रहने वाले कामों में लगे रहते हैं।

पिछले शोध ने दिखाया है कि ज्यादा आय वाले लोगों के शारीरिक तौर पर तीव्र सक्रियता वाली गतिविधियों में शामिल होने की संभावना अधिक रहती है। हालांकि यह शोध ऐतिहासिक तौर पर अपनी रिपोर्टिंग पर आधारित था, जो असल सक्रियता स्तरों को बढ़ा चढ़ाकर पेश कर सकते हैं।

आय को शारीरिक गतिविधियों में हिस्सा लेने से रोकने वाले एक अहम अवरोधक की तरह दिखाया गया है।

टैक्सास यूनिवर्सिटी और जॉर्जिया स्टेट यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने प्रीवेंटिव मेडिसिन नामक जर्नल में प्रकाशित अध्ययन के लिए डेटा एकत्र करने के लिए ‘एक्टिविटी मॉनिटर’ इस्तेमाल किए।

कम आय वाले लोगों के पास सीमित समय होता है, जो अवरोधक का काम करता है। इसके अलावा कसरत की सुविधाओं का अभाव, पार्क और खुले स्थानों का अभाव, कार्यस्थल पर स्थितियां अनुकूल न होना आदि कुछ ऐसे ही अवरोधक हैं। इनके कारण ये लोग शारीरिक सक्रियता संबंधी निर्देशों का पालन नहीं कर पाते।

वहीं ज्यादा आय वाले लोगों के पास भी सीमित समय होता है लेकिन उनके पास कसरत के लिए ज्यादा संसाधन और स्थान होते हैं। ये उन्हें शारीरिक सक्रियता संबंधी निर्देशों का पालन करने को सुगम बनाते हैं।

हालांकि उन्हें बैठे रहने वाले काम जैसे कि ऑफिस का काम आदि भी करते रहने पड़ते हैं।

रोजाना लगभग 9.3 मिनट की हल्की शारीरिक गतिविधियों को करने वाले उच्च आय वाले लोग रोजाना 11.8 अधिक मिनट बैठे रहकर गुजारते हैं। ये लोग दो दिन की अवधि :सप्ताहांत योद्धा: के लिए बने दिशानिर्देशों का पालन करने की 1.6 गुना अधिक संभावना रखते हैं।

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