भारत में सात हजार मेगावाट परमाणु ऊर्जा क्षमता जुड़ेगी: गोयल

मुंबई, केन्द्रीय बिजली मंत्री पीयूष गोयल ने आज कहा कि केन्द्र सरकार परमाणु ऊर्जा क्षमता को दोगुना कर 14,000 मेगावाट तक पहुंचाने पर काम कर रही है। हालांकि, उन्होंने यह मानने से इनकार किया कि देश में आने वाले समय में परमाणु ऊर्जा ही बिजली का मुख्य स्रोत होगी।

देश में वर्तमान में 6,800 मेगावाट परमाणु ऊर्जा का उत्पादन होता है।

बिजली एवं कोयला मंत्री ने यहां एक कार्यक्रम में कहा, ‘‘हमने हाल ही में इसमें 7,000 मेगावाट और विस्तार करने की योजना पर पहल की है। यह काम पूरी तरह से घरेलू स्तर पर तैयार उपकरणों के जरिये किया जायेगा। हमने 700 मेगावाट क्षमता वाले दस यूनिट बनाने का प्रस्ताव किया है और हमने इसमें निवेश करने जा रहे हैं और यह काम शुरू होने जा रहा है।’’ केन्द्रीय मंत्रिमंडल ने मई में परमाणु ऊर्जा उत्पादन के लिये 10 घरेलू प्रेसराइज्ड हैवी वाटर रिएक्टर्स स्थापित करने को पहले ही मंजूरी दे दी है।

उन्होंने कहा सौर ऊर्जा केवल दिन के समय ही पैदा हो सकती है जबकि पवन ऊर्जा उसी समय पैदा हो सकती है जब हवा चल रही है। ‘‘ऐसे में ऐसे संसाधनों की आवश्यकता है जो कि 24 घंटे उपलब्ध हों। इसमें पनबिजली ऐसी ऊर्जा है जिसे हमें बढ़ावा दे रहे हैं और इसके अलावा परमाणु ऊर्जा को भी हम बढ़ा रहे हैं। लेकिन ये दोनों ही स्रोत फिलहाल काफी खर्चीले हैं।’’ गोयल ने आगे कहा, ‘‘हम यूरेनियम के लिये विदशों पर निर्भर हैं। आपको पता है कि चीन परमाणु आपूर्तिकर्ता समूह में हमारे प्रवेश को रोकता रहा है। इसलिये हमारे समक्ष कुछ चुनौतियां हैं लेकिन हमें विश्वास है कि हम प्रगति करेंगे।’’