किशोरावस्था में नींद में दांत पीसने से धौंसबाजी से पीडित होने का मिलता है संकेत : अध्ययन

लंदन,  सोने के दौरान किशोर अगर दांत पीसता है तो यह इस बात का संकेत हो सकता है कि उसे स्कूल में डराया धमकाया जा रहा है।

यह जानकारी एक हालिया अध्ययन में सामने आयी है।

ब्रिटेन में दांतों के स्वास्थ्य के लिए काम करने वाली एक संस्था ने अध्ययन में पाया है कि जो किशोर धमकाये जाने से पीड़ित होते हैं उनके नींद में दांतों को पीसने की संभावना अधिक होती है। यह एक संकेत है जिससे माता-पिता को पीड़ित बच्चे की पहचान जल्दी करने में मदद मिल सकती है।

ओरल रिहैबलिटेशन में प्रकाशित शोध में पाया गया है कि स्कूल में मौखिक रूप से प्रताड़ित किये जाने वाले किशोर में सोने के दौरान दांत पीसने की आदत करीब चार गुणा (65 प्रतिशत) अधिक होती है जबकि जो बच्चे प्रताड़ित नहीं होते हैं उनमें से केवल 17 प्रतिशत के दांत पीसने की आशंका होती है।

स्लीप बुक्रिज्म तब होती है जब आप नींद में दांत पीसते हैं और इससे सिरदर्द, दांत गिरना और मुंह में कई तरह का दर्द और कई तरह का नुकसान सहित मुख से जुड़ी बड़ी समस्याएं हो सकती हैं। शोधकर्ताओं ने माता-पिताओं, देखभाल करने वालों और स्कूलों से मुंह से जुड़ी हुयी शिकायत करने वाले छात्रों को लेकर सावधान रहने को कहा है क्योंकि बुक्रिज्म की समस्या इस बात का संकेत है कि उसे धमकाया जा रहा हो। ऐसे में उन्हें मुद्दे से निपटने में मदद मिलेगी।