मध्यप्रदेश के डूब प्रभावितों की परवाह किये बिना गुजरात को फायदा पहुंचाने के लिये किये गये बांध के गेट बंद: अजय सिंह

भोपाल,  मध्यप्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने आज आरोप लगाया कि नर्मदा नदी पर बने सरदार सरोवर बांध से मध्यप्रदेश के प्रभावितों के पुर्नवास की परवाह किये बिना ही गुजरात को फायदा पहुंचाने के लिये बांध के गेट बंद कर दिये गये हैं।

सिंह ने यहां संवाददाताओं से कहा, सरदार सरोवर बांध के गेट गुजरात सरकार द्वारा बंद करने से 192 गांव और एक नगर सहित 40,000 से अधिक आबादी बेघर हो रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने बेघर परिवारों के पुनर्वास की कोई तैयारी नहीं की है और गुजरात के फायदे के लिये मध्यप्रदेश के हितों की बलि दी जा रही है।

उन्होंने कहा, Þ Þमैंने स्वयं कई प्रभावित गांवों का दौरा किया है और देखा कि एक वृद्ध महिला को पुनर्वास के नाम पर केवल 12 गुणा 12 का एक कमरा दिया गया है। यह सोचने वाली बात है कि वह एक किसान है और अपने घर का सामान और मवेशी कहां रखेगी।

सिंह ने आरोप लगाया कि गुजरात में इस वर्ष विधानसभा चुनाव हैं इसलिये मध्यप्रदेश के डूब प्रभावितों की परवाह किये बिना गुजरात के अंतिम छोर भुज तक नर्मदा का पानी पहुंचाना चाहते हैं क्योंकि वहां भाजपा कमजोर स्थिति में है।

मध्यप्रदेश में किसानों की आत्महत्या के सवाल पर नेता प्रतिपक्ष ने दावा किया कि पिछले 24 दिनों में 53 किसान खुदकुशी कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि इससे मध्यप्रदेश द्वारा वर्ष दर वर्ष लगातार हासिल किये जा रहे कृषि कर्मण पुरस्कार पर प्रश्न खड़ा होता है।

सिंह ने बताया कि उन्होंने प्रदेश के किसानों की समस्याओं और खुदकुशी के मामले में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को एक पत्र लिखा है और उनसे मध्यप्रदेश को वर्ष दर वर्ष लगातार हासिल हुए कृषि कर्मण अवार्ड की जांच कराने की मांग की है।

मालूम हो कि केन्द्र सरकार द्वारा अधिकतम कृषि उत्पादन हासिल करने पर देश के राज्यों को कृषि कर्मण अवार्ड दिया जाता है।

नेता प्रतिपक्ष ने आरोप लगाया कि गिनीज बुक में नाम दर्ज कराने के लिये दो जुलाई को एक दिन में नर्मदा नदी के दोनों किनारों पर 6 करोड़ पौधे रोपने का कार्यक््रम कर बड़ी धनराशि खर्च की जा रही है।

उन्होंने कहा कि सरकारी आंकड़ों के मुताबिक पिछले 12 साल में प्रदेश में 50.63 करोड़ पौधे लगाये जा चुके हैं। उन्होंने इसकी जांच की मांग करते हुए कहा कि इस हिसाब से तो प्रदेश को अब तक पूरा जंगल हो जाना चाहिये था।

उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार किसानों को राहत उपलब्ध कराने के बजाय पौधा रोपण के बहाने गिनीज बुक में रिकार्ड दर्ज कराने पर करोड़ों रपये खर्च कर रही है।

मध्ययप्रदेश के जनसंपर्क मंत्री नरो}ाम मिश्रा को चुनाव आयोग द्वारा तीन वर्ष के लिये अयोग्य घोषित किए जाने और उनका निर्वाचन शून्य घोषित किये जाने के सवाल पर सिंह ने कहा कि भाजपा उन्हें अनावश्यकता तौर पर बचा रही है। उन्होंने कहा, इस मामले में कानून स्पष्ट है और मिश्रा को शीर्ष अदालत सहित किसी भी अदालत से कोई राहत नहीं मिलने वाली है।