मप्र में तीन और किसानों ने की आत्महत्या, 10 दिनों में बढकर हुए 15

भोपाल,  मध्यप्रदेश में किसानों द्वारा खुदकुशी करने की घटनाएं थम नहीं रहीं हैं। पिछले 24 घंटों में नीमच, विदिशा और सीहोर जिले में तीन और किसानों द्वारा आत्महत्या करने से गत 10 दिनों में खुदकुशी करने वाले किसानों की संख्या बढ़कर 15 हो गयी है।

किसानों द्वारा खुदकुशी करने के तीन ताजा मामले प्रदेश के नीमच, विदिशा और सीहोर जिले में सामने आये हैं। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के गृह जिले सीहोर में गत 8 जून से अब तक 5 किसान आत्महत्या कर चुके हैं। सीहोर जिले के जामूनिया खूर्द गांव में आज सुबह 55 वर्षीय किसान बंसीलाल मीणा ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मीणा के बेटे मनोज ने बताया कि उसके पिता 9 एकड़ भूमि पर खेती करते थे, लेकिन बैंक और निजी लोगों से लिये गये कर्ज की रकम बढ़कर 11 लाख रपये हो गयी, जिसे वह अदा नहीं पा रहे थे।

सीहोर जिले के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ए पी सिंह ने बताया, इस संबंध में मामला दर्ज कर विस्तृत जांच की जा रही है।

दूसरी घटना में विदिशा जिले के करारिया पुलिस थाना क्षेत्र के सायर बामोर गांव में कल रात 35 वर्षीय किसान जीवन सिंह मीणा ने पेड़ की शाखा पर फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली। करारिया के तहसीलदार संतोष बिटोलिया ने बताया जीवन का अपनी पत्नी से विवाद चल रहा था, इस कारण उसने यह आत्मघाती कदम उठाया। जबकि जीवन के परिवार के सदस्य जितेन्द्र मीणा ने कहा कि जीवन स्वयं पर बढ़ते कर्ज के कारण अपनी तीन बेटियों के विवाह को लेकर चिंताग्रस्त था।

किसान आत्महत्या की तीसरी घटना नीमच जिले के पिपल्या व्यास गांव में कल दोपहर को हुयी। यहां 60 वर्षीय किसान प्यारेलाल औध ने कथित तौर पर फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली। औध के पुत्र देवकरण ने बताया कि उसके पिता पर सरकारी बैंक का लगभग 2.5 लाख रपये का रिण बकाया था, जिसे वह अदा नहीं कर पा रहे थे। इससे वह परेशान थे।

पुलिस निरीक्षक हितेश पाटील ने कहा कि पुलिस मामला दर्ज कर विस्तृत जांच कर रही है।

दूसरी ओर नीमच के कलेक्टर कौशलेन्द्र विक््रम सिंह ने पीड़ित परिवार को 20,000 रपये की आथर्कि सहायता देने के साथ ही घटना की मजिस्ट्रीयल जांच के आदेश दिये हैं।

इस बीच, मंदसौर लोकसभा क्षेत्र से पूर्व सांसद और कांग्रेस की राष्ट्रीय सचिव मिनाक्षी नटराजन ने औध के परिजन से यहां मुलाकात की और उन्हें सांत्वना दी। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय अपराध रिकार्ड ब्यूरो की रिपोर्ट के अनुसार किसानों की खुदकुशी के मामले में महाराष्ट्र के बाद दूसरा स्थान मध्यप्रदेश का है। यह दुखद है कि बढ़ते कर्ज से परेशान हो किसान यह आत्मघाती कदम उठा रहे हैं, क्योंकि किसानों को अपनी उपज का उचित दाम नहीं मिल रहा है।