अनुमति नहीं मिलने के बावजूद सहारनपुर के लिए रवाना हुए राहुल

नयी दिल्ली,  इलाके का दौरा करने की अनुमति देने से से जिला प्रशासन के इनकार के बावजूद कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी आज उत्तर प्रदेश के सहारनपुर रवाना हो गए।

पार्टी सूत्रों ने कहा कि राहुल सुबह में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से मुलाकात करने के बाद सड़क मार्ग से सहारनपुर के शब्बीरपुर गांव रवाना हुए। यह गांव हाल की जातीय हिंसा का केंदबिंदु रहा है।

उनके साथ कांग्रेस के महासचिव और उत्तर प्रदेश प्रभारी गुलाम नबी आजाद तथा पदेश कांग्रेस के कमेटी के अध्यक्ष राज बब्बर भी सहारनपुर पहुंच रहे हैं।

सूत्रों ने कहा कि अगर प्रभावित इलाकों में पीड़ितों से मिलने की इजाजत नहीं दी गई तो राहुल गिरफ्तारी देंगे।

कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा, ‘‘वे गरीबों, दलितों और आदिवासियों की आवाज दबा नहीं सकते। राहुल गांधी और कांग्रेस उनकी आवाज उठाते रहेंगे।’’ उन्होंने कहा, ‘‘कोई भी हिंसा के पीड़ितों तक राहुल को पहुंचने से नहीं रो सकता। यह हिंसा भाजपा के गुंडो के द्वारा कराई गई।’’ सहारनपुर में हाल के दिनों में जातीय हिंसा हुई है। हिंसा की शुरूआत करीब 40 दिन पहले अंबेडकर जयंती के जुलूस के बाद हुई थी। बीते पांच मई को शब्बीरपुर में दलितों के मकानों को आग लगा दी गई थी और झड़पों में एक व्यक्ति की मौत हो गई थी और 15 लोग घायल हो गए थे।

इसके बाद नौ मई को हिंसा फिर भड़की जिसमें पुलिस के करीब एक दर्जन वाहनों में आग लगा दी गई और 12 पुलिसवाले घायल हो गए।

बीते 23 मई को एक व्यक्ति की गोली मारकर हत्या कर दी गई और दो अन्य को घायल कर दिया। इसके बाद सरकार सरकार ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक और जिला अधिकारी को निलंबित कर दिया तथा मंडलायुक्त को एवं उप पुलिस महानिरीक्षक का तबादला कर दिया।

केंद्र सरकार ने शांति बहाली में राज्य सरकार की मदद के लिए करीब 400 दंगा रोधी पुलिसकर्मिसों को सहारनपुर भेजा है।