मिस्र गिरजाघरों में धमाके में 27 लोगों की मौत, 100 घायल

काहिरा, मिस्र के दो शहरों टैंटा और अलेक्जेंड्रिया में आज गिरजाघरों में हुए बम विस्फोटों में कम से कम 27 लोग मारे गए जबकि 100 से अधिक लोग घायल हो गए। स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से जारी बयान के अनुसार गरबीया प्रशासनिक क्षेत्रीय विभाग में स्वास्थ्य मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि पहला विस्फोट काहिरा से 120 किमी दूर टैंटा के मार गरजेस कॉप्टिक गिरजाघर में हुआ जिसमें 25 लोगों की मौत हो गई और 71 अन्य घायल हो गए।

सुरक्षा सूत्रांे ने बताया कि प्राथमिक जांच में पता चला है कि रविवार की प्रार्थना के दौरान एक व्यक्ति ने विस्फोटक उपकरण गिरजाघर के भीतर रख दिया।

बहरहाल, अन्य सूत्रों ने कहा कि यह हमला आत्मघाती हमलावर द्वारा किया गया।

इस विस्फोट के कुछ घंटों के बाद दूसरा धमाका अलेक्जेंड्रिया के मानशिया जिले में हुआ जब एक आत्मघाती हमलावर ने सेंट मार्क गिरिजाघर के निकट खुद को उड़ा लिया।

सरकारी टीवी के अनुसार इस विस्फोट में कम से कम दो लोगों की मौत हो गई और 21 अन्य लोग घायल हो गए।

राष्ट्रपति अब्दुल फतह अल सीसी ने सैन्य अस्पतालों को घायलों का उपचार करने का आदेश दिया है।

दुनिया की सबसे बड़ी इस्लामी शिक्षण संस्था अल-अजहर ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि यह सभी मिस्रवासियों के खिलाफ अंजाम दिया गया ‘अपराध’ है। ये विस्फोट पोप फ्रांसिस के आगामी मिस्र दौरे से कुछ दिन पहले हुए हैं। पोप 28-29 अप्रैल को मिस्र के दौरे पर होंगे।

मिस्र के ईसाई अल्पसंख्यक समुदाय को इस्लामी आतंकवादी निशाना बनाते रहते हैं। वर्ष 2013 में सेना ने राष्ट्रपति मोहम्मद मुरसी का तख्तापलट कर दिया था जिसके बाद से हमलों की संख्या बढ़ गई है। निर्वाचित नेता मोहम्मद मुरसी मुस्लिम ब्रदरहुड के थे।

मिस्र की 8.5 करोड़ की आबादी में कॉप्टिक ईसाईयों की संख्या 10 फीसदी है।