पैकेट बंद वस्तुओं पर एक अप्रैल से जरूरी जानकारी बड़े अक्षरों में छापना जरूरी

नयी दिल्ली  कंपनियों को अब एक अप्रैल से उपभोक्ता वस्तुओं के पैकेटों पर मूल्य, समाप्ति तिथि और उसमें उपयोग सामग्री जैसी जरूरी जानकारियां बड़े बड़े अक्षरों में प्रकाशित करनी होगी। केन्द्रीय खाद्य एवं उपभोक्ता मामले मंत्रालय का इस आशय का आदेश एक अप्रैल 2017 से लागू हो जायेगा।

उपभोक्ता मामलों के विभाग ने पैकेटबंद उपभोक्ता वस्तुओं के पैकेजिंग संबंधी नियम 2011 के तहत पैकेट पर जरूरी जानकारी स्पष्ट तौर पर प्रकाशित करने के लिए पिछले साल आदेश दिया था। इसे लागू करने से पहले सरकार ने कंपनियों को पुराना स्टॉक निकालने के लिये छह महीने का समय दिया था।

उपभोक्ता मामले विभाग के निदेशक बीएन दीक्षित ने बताया कि सरकार ने 31 मार्च 2017 की इस समयसीमा को आगे नहीं बढ़ाया है, इसलिये आदेश एक अप्रैल से लागू हो जायेगा।

इस आदेश के दायरे में उपभोक्ता वस्तुओं के पैकेट पर प्रकाशित होने वाला ‘‘बारकोड’’ भी शामिल है। आदेश के मुताबिक कंपनियों को 200 से 400 ग्राम या मिलीलीटर मात्रा की उपभोक्ता वस्तुओं के पैकेट पर जरूरी जानकारी 2 से 4 मिलीमीटर आकार के फॉंट में देनी होगी, इसी प्रकार 500 ग्राम या मिलीलीटर मात्रा वाली वस्तुओं के पैकेट पर 8 मिलीमीटर फॉंट का आकार रखना होगा।

मौजूदा व्यवस्था में 200 ग्राम..मिलीलीटर मात्रा वाली उपभोक्ता वस्तु के पैकेट पर विनिर्माण तिथि, समाप्ति तिथि, विनिर्माण में प्रयुक्त सामग्री, कीमत और कंपनी का नाम एवं पता आदि जानकारियां कम से कम एक मिलीमीटर फॉंट के आकार में प्रकाशित करनी होती है। जबकि अमेरिका में इतनी मात्रा के पैकेट पर दी गई जानकारी के फॉंट का आकार 1.6 एमएम होता है।

दीक्षित ने बताया कि भारत में कंपनियां पैकेजिंग नियमों का पालन करने में कोताही बरतती है। सरकार ने अब इस बारे में अमेरिकी मानकों के अनुरूप यह बदलाव किया है। उन्होंने बताया कि यह बदलाव कारोबारी संगठनों फिक्की, एसोचेम और सीआईआई के साथ कई दौर के विचार विमर्श के बाद लिया है।

उन्होंने कहा कि पैकेटबंद खाद्य वस्तुओं की पैकेजिंग की अधिकतम सीमा 25 किग्रा या लीटर से बढ़ाकर 50 किग्रा या लीटर करने पर विचार किया जा रहा है।