संयुक्त राष्ट्र ने अफगानिस्तान से चरमपंथियों के ‘बढ़ते’ खतरे से निपटने का अनुरोध किया

संयुक्त राष्ट्र, संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने अफगानिस्तान की सरकार से तालिबान, अलकायदा, इस्लामिक स्टेट के सहयोगियों और अन्य चरमपंथी समूहों द्वारा देश की सुरक्षा एवं स्थिरता के लिये उत्पन्न ‘‘उनके बढ़ते खतरे’’ से निपटने का आह्वान किया है।

देश में संयुक्त राष्ट्र राजनीतिक मिशन को 17 मार्च, 2018 तक विस्तार देते हुए इस संबंध में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में सर्वसम्मति से एक प्रस्ताव स्वीकृत किया गया, जिसमें अफगानिस्तान एवं क्षेत्र के देशों की सुरक्षा के लिये ‘‘गंभीर खतरा’’ उत्पन्न करने वाले आईएस सहयोगियों की देश में मौजूदगी एवं संभावित वृद्धि को लेकर गंभीर चिंता जाहिर की गयी।

अपने देश की रक्षा के लिये तत्पर एवं आतंकवाद तथा हिंसक चरमपंथ के खिलाफ लड़ाई लड़ रहे ‘‘अफगान नेशनल डिफेंस एंड सिक्योरिटी फोर्सेज’’ के प्रति कल सुरक्षा परिषद ने अपना समर्थन दोहराया। सुरक्षा परिषद ने ‘‘आतंकवादी समूहों’’ से उत्पन्न खतरों से निपटने के लिये अफगानिस्तान सरकार को लगातार अंतरराष्ट्रीय सहयोग का आह्वान भी किया।

परिषद के सदस्यों ने क्षेत्र में हिंसा और तालिबान, हक्कानी नेटवर्क, अलकायदा, आईएस, अन्य चरमपंथी तथा सशस्त्र समूहों, अपराधियों और ‘‘विदेशी आतंकवादी लड़ाकों’’ के हमलों से निपटने में अंतरराष्ट्रीय एवं क्षेत्रीय सुरक्षा सहयोग में मजबूती लाने का आह्वान किया।