अल्पसंख्यकों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की शिक्षा के लिए 5 शिक्षण संस्थान स्थापित करेगी सरकार : नकवी

नयी दिल्ली,  केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा है कि अल्पसंख्यकों को बेहतर से बेहतर शिक्षण संस्थानों के माध्यम से उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा प्रदान करना और उनका कौशल विकास करना सरकार की प्राथमिकता है और इस उद्देश्य से सरकार अंतरराष्ट्रीय स्तर के 5 शिक्षण संस्थानों की स्थापना करने जा रही है जो वर्ष 2018 तक काम करना शुरू कर सकते हैं। नकवी ने कहा कि अल्पसंख्यक मंत्रालय अल्पसंख्यकों को बेहतर पारंपरिक एवं आधुनिक शिक्षा मुहैय्या कराने के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर के 5 शिक्षण संस्थानों की स्थापना कर रहा है। तकनीकी, मेडिकल, आयुर्वेद, यूनानी सहित विश्वस्तरीय कौशल विकास की शिक्षा देने वाले ऐसे संस्थान देश भर में स्थापित किये जायेंगे।

उन्होंने एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया गया है जो शिक्षण संस्थानों की रुपरेखा-स्थानों आदि के बारे में चर्चा कर रही है और जल्द ही अपनी विस्तृत रिपोर्ट देगी । हमारी कोशिश होगी कि ये शिक्षण संस्थान वर्ष 2018 से काम शुरू कर दें।

मौलाना आजाद एजुकेशन फाउंडेशन के बैठक की अध्यक्षता करते हुए नकवी ने आज कहा कि इन प्रस्तावित शिक्षण संस्थानों में लड़कियों के लिए 40 प्रतिशत आरक्षण किये जाने का प्रस्ताव है।

उन्होंने कहा कि अल्पसंख्यकों को बेहतर आधुनिक शिक्षा मुहैया कराने के साथ-साथ उन्हें रोजगार योग्य बनाना हमारा लक्ष्य है और इस लक्ष्य को पूरा करने की ओर हम मजबूती से आगे बढ़ रहे हैं।

नकवी ने कहा कि अल्पसंख्यकों के शैक्षिक सशक्तिकरण के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने युद्धस्तर पर अभियान चलाया है जिससे कि अल्पसंख्यकों को सस्ती-सुलभ-गुणवत्ता वाली शिक्षा मिल सके।

उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने इस बार अल्पसंख्यक मंत्रालय के बजट में काफी वृद्धि की है । वर्ष 2017-18 के लिए अल्पसंख्यक मंत्रालय का बजट बढ़ा कर 4195.48 करोड़ रूपए कर दिया गया है । यह पिछले बजट के 3827.25 करोड़ रूपए के मुकाबले 9.6 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है।