आस्ट्रेलियाई संस्थान, भारतीय रेल में समझौता

मेलबर्न,  रेलवे पर अनुसंधान करने वाले आस्ट्रेलिया के एक संस्थान ने भारतीय रेल के साथ भारत में बुनियादी ढांचे की दृष्टि से महत्वपूर्ण रेलवे प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में अनुसंधान और विकास कार्यों के लिए सहयोग का करार किया है।

मोनाश यूनिवर्सिटी इंस्टिट्यूट ऑफ रेलवे टेक्नोलॉजी (आईआरटी) और भारत के रेल मंत्रालय की कंपनी डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर कारपोरेशन ऑफ इंडिया लि (डीएफसीसीआईएल) के बीच यह समझौता कल नयी दिल्ली में किया गया। डीएफसीसीआईएल भारत में मालगाड़ियों के लिए विशेष लाइनों का निर्माण कर रही है।

वैश्विक स्तर पर जारी एक निविदा के आधार पर आईआरटी को उसके कुछ भागीदारों के साथ भारतीय रेल के लिए प्रौद्योगिकी आपूर्ति हेतु चुना गया है। इसमें भारतीय कंपनी बालाजी रेलरोड सिस्टम्स लि, पीडब्ल्यूसी, और भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान मुंबई शामिल हैं।

ये संगठन भारत में श्रेष्ठ :रणनीतिक प्रौद्योगिकी एवं समग्र प्रगति के लिए विशेष रेलवे प्रतिष्ठान: नाम से एक नए अनुसंधान एवं विकास संस्थान की स्थापना के लिए मार्गदर्शन करेंगे। श्रेष्ठ स्थानीय स्तर पर काम करेगा पर वैश्विक स्तर पर इसके संपर्क होंगे। इस संस्थान को दुनिया में रेलवे की प्रगति के क्षेत्र में एक शीर्ष संस्था के रूप में विकसित करने का लक्ष्य है।

इस परियोजना में भारतीय रेल को वैश्विक स्तर पर प्रयोग में लिए जा रहे विभिन्न माडलों के बारे में मार्ग निर्देशन किया जाएगा और देखा जाएगा कि उन्हें भारत में कैसे अपनाया जा सकता है। आईआरटी के निदेशक रवि रवितारन ने कहा कि इस भागीदारी से भारत और विश्व में अन्य जगहों पर रेलवे प्रणालियों के लिए उन्नत प्रौद्योगिकी उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।