‘एच-1बी वीजा रद्द करने से अमेरिका के वैज्ञानिक शोध पर पड़ेगा विपरीत असर’

वाशिंगटन, अमेरिका में काम करने वाले विदेशी कामगारों को दिया जाने वाला एच-1बी वीजा रद्द करने से विदेशी छात्रों और शोधकर्ताओं पर निर्भर अमेरिकी शोध संस्थानों द्वारा किये गये कार्यों की गति मंद पड़ जाएगी।

अमेरिका के एक शीर्ष वैज्ञानिक समूह ने यह बात कही। अमेरिकन सोसायटी फॉर सेल बायोलॉजी ने कहा, ‘‘वीजा की समीक्षा करने की प्रक्रिया से युवा विदेशी छात्रों को वीजा मिलने का इंतजार करने तक शोध में करियर शुरू करने में देरी होगी। इससे विदेशी छात्रों और शोधकर्ताओं पर निर्भर शोध संस्थानों द्वारा किये जा रहे कार्यों की गति मंद पड़ जाएगी।’’ यह बयान तब सामने आया है जब अमेरिका की नागरिक और आव्रजन सेवाओं ने तीन अप्रैल को या उसके बाद दायर एच-1बी वीजा याचिकाओं की त्वरित कार्यवाही को छह महीने के लिए टाल दिया है।

अमेरिकन सोसायटी फॉर सेल बायोलॉजी ने कहा कि ट्रंप प्रशासन के हाल ही में दिये यात्रा संबंधित आदेशों ने अनिश्चितता की स्थिति पैदा कर दी है।

उसने कहा, ‘‘अमेरिका से बाहर देशों की यात्रा करने के बाद घर वापस ना लौट पाने की आशंका वैज्ञानिक समुदाय के कई लोगों को यात्रा करने से रोक सकती है।’’ सोसायटी ने कहा कि वैज्ञानिक प्रक्रिया एक ही स्थान पर नहीं चलती। यह एक-दूसरे के सहयोग से चलने वाली प्रक्रिया है और बातचीत तथा विचारों और सूचनाओं के आदान-प्रदान पर निर्भर करती है जो आमने-सामने की वैज्ञानिक बैठकों के जरिये ही संभव हो सकता है।

 

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