बाल तस्करी मामला: ‘सच्चाई’ की छानबीन करने जलपाईगुड़ी जाएगा एनसीपीसीआर का दल

नयी दिल्ली, पश्चिम बंगाल के जलपाईगुड़ी में बच्चों की तस्करी के मामले में भाजपा की एक महिला नेता की गिरफ्तारी के बाद खड़े हुए राजनीतिक विवाद की पृष्ठभूमि में राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग :एनसीपीसीआर: का एक दल ‘सच्चाई की छानबीन’ करने के लिए आगामी मंगलवार को जलपाईगुड़ी जाएगा जहां वह मामले की जांच कर रहे सीआईडी अधिकारियों तथा प्रशासन के दूसरे वरिष्ठ लोगों से मुलाकात भी करेगा।

एनसीपीसीआर के सदस्य प्रियंक कानूनगो ने ‘भाषा’ के साथ बातचीत में इस बात की पुष्टि की है कि आयोग का चार सदस्यीय दल सात मार्च को जलपाईगुड़ी जाएगा, हालांकि उन्होंने इसके राजनीतिक पहलू पर टिप्पणी करने से इंकार किया। वह खुद इस चार सदस्यीय दल में शामिल हैं।

कानूनगो ने कहा, ‘‘बाल तस्करी का मामला गंभीर है। पश्चिम बंगाल से लंबे समय से इस तरह के मामले में सामने आते रहे हैं। हम मौके पर जा रहे हैं और प्रशासन के लोगों से बातचीत करेंगे।’’ बच्चों की तस्करी का यह मामला उस वक्त सुखिर्यों में आया जब पश्चिम बंगाल भाजपा की महिला नेता जूही चौधरी की गिरफ्तारी हुई। दावा यह भी किया गया कि पूछताछ में जूही ने भाजपा के कुछ राष्ट्रीय नेताओं के नाम भी लिए हैं। मामले की जांच पश्चिम बंगाल की सीआईडी कर रही है।

एनसीपीसीआर के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ‘‘पश्चिम बंगाल से बाल तस्करी के कई मामले पहले भी सामने आए हैं, लेकिन यह मामला राजनीतिक रंग ले चुका है। बच्चों की तस्करी जैसे मामले पर राजनीति होना दुखद है। आयोग के दल के दौरे का मकसद सच्चाई की छानबीन करना है। इसको लेकर हम प्रशासन के साथ बातचीत करेंगे।’’

एनसीपीसीआर के वरिष्ठ अधिकारी ने यह भी कहा कि आयोग का दल सीआईडी तथा प्रशासन के दूसरे अधिकारियों से मुलाकात करेगा। उन्होंने कहा, ‘‘आयोग का दल सीआईडी के अधिकारियों से मुलाकात कर इस मामले का ब्यौरा लेगा। प्रशासन के दूसरे वरिष्ठ लोगों से भी आयोग के दल में शामिल सदस्य मुलाकात करेंगे।’’ इस मामले के राजनीतिक रंग लेने के बारे में पूछे जाने पर अधिकारी ने कहा, ‘‘आयोग किसी राजनीति में नहीं पड़ना चाहता। आयोग का सिर्फ यह कहना है कि अपराधी किसी भी पार्टी का हो, वह अपराधी कहा जाएगा। इतना जरूर है कि ऐसे मामलों में निष्पक्ष जांच की जरूरत है। बाल अधिकारों के मामलों में राजनीति नहीं होनी चाहिए।’’