संभावित आतंकी सूची पर उत्तर कोरिया ने अमेरिका की आलोचना की

सोल,  उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग-उन के सौतेले भाई की पिछले महीने मलेशिया में हुई हत्या के बाद उत्तर कोरिया ने आज चेतावनी दी कि अगर अमेरिका ने उसे फिर से आतंकवाद प्रायोजित करने वाले देश की सूची में डाला तो अमेरिका को ‘‘गंभीर परिणाम’’ भुगतना होगा।

भीड़ भाड़ वाले कुआलालम्पुर हवाईअड्डे पर 13 फरवरी को किम जोंग नाम :45: की वीएक्स हमले में मौत हो गयी थी।

दक्षिण कोरिया शुरू से यह कहता रहा है कि शीत-युद्ध शैली की इस हत्या के पीछे अलग थलग पड़े उत्तर कोरिया का ही हाथ है।

दक्षिण कोरिया और जापान की मीडिया ने राजनयिक सूत्रों के हवाले से यह रिपोर्ट की है कि अमेरिका उत्तर कोरिया को अपनी आतंकी सूची में फिर से डालने पर विचार कर रहा है। अमेरिका की इस सूची में ईरान और सीरिया सूचीबद्ध हैं।

उत्तर कोरिया के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने सरकारी समाचार एजेंसी केसीएनए को बताया, ‘‘अगर अमेरिका ने उत्तर कोरिया को फिर से सूचीबद्ध किया तो उसे इन आधारहीन आरोपों के लिये कीमत चुकानी होगी।’’ प्रवक्ता ने अमेरिका पर उसके देश की प्रतिष्ठा को धूमिल करने का आरोप लगाते हुए यह दोहराया कि उत्तर कोरिया ‘‘हर तरह के आतंकवाद’’ का विरोध करता है।

अधिकारी ने कहा, ‘‘अब वो दिन लद गये जब अमेरिका दुनिया को अपने नियंत्रण में रखने के लिये अपनी नाराजगी थोपने के मकसद से उन देशों को बिना मतलब बदनाम कर सकता था।’’ परमाणु हथियार सम्पन्न उत्तर कोरिया को पहली बार वर्ष 1987 में आतंकवाद प्रायोजित करने वाले देश की सूची में डाला गया था। इसी साल उत्तर कोरिया के एजेंट ने दक्षिण कोरियाई विमान को बम से उड़ा दिया था, जिसके कारण विमान में सवार 115 यात्रियों की मौत हो गयी थी।