वीवीआईपी हेलीकॉप्टर सौदा: संदिग्ध बिचौलिए के सहयोगियों को मिली जमानत

नयी दिल्ली,  3600 करोड़ रुपए के वीवीआईपी हेलीकॉप्टर सौदे संबंधी धनशोधन मामले में एक विशेष अदालत ने कथित बिचौलिए क्रिश्चियन माइकल जेम्स के दो भारतीय सहयोगियों की जमानत को आज मंजूरी दे दी। विशेष न्यायाधीश अरविंद कुमार ने आरोपियों आर के नंदा और जे बी सुब्रमण्यम की जमानत याचिकाओं को मंजूरी दे दी। इन दोनों को इससे पहले अदालत ने तलब किया था। अदालत ने दोनों को एक लाख रुपए के निजी मुचलके और इतनी की राशि की जमानत जमा करने पर राहत दिए जाने को मंजूरी दे दी। अदालत ने उन्हें आदेश दिया कि वे अदालत की पूर्व अनुमति के बिना देश छोड़कर नहीं जाएं और सबूतों से छेड़छाड़ नहीं करें या गवाहों को प्रभावित नहीं करें।

प्रवर्तन निदेशालय का प्रतिनिधित्व कर रहे वकील एन के मत्ता ने जमानत याचिकाओं का विरोध करते हुए कहा कि मामले में दोनों आरोपियों की संलिप्पता दर्शाने वाले पर्याप्त सबूत मौजूद हैं। अदालत ने पिछले साल ब्रितानी नागरिक जेम्स के खिलाफ एक बेमियादी गैर जमानती वारंट जारी किया था और उसने उसके भारतीय सहयोगियों और मैसर्ज मीडिया एक्जिम प्राइवेट लिमिटेड को तलब किया था। इस फर्म को जेम्स ने नंदा एवं सुब्रमण्यम के साथ मिलकर शुरू किया था। नंदा एवं सुब्रमण्यम इस फर्म के निदेशक हैं।

निदेशालय ने पिछले साल जून में मामले में धनशोधन संबंधी अपनी जांच के संबंध में 1300 पृष्ठीय अभियोजन पक्ष की शिकायत (आरोप पत्र के समतुल्य) दर्ज कराई थी। उसने दावा किया था कि उसकी जांच में पाया गया है कि जेम्स ने मैसर्ज अगस्तावस्टलैंड से कथित रूप से 225 करोड़ रऊपए लिए थे। उसने आरेाप लगाया था कि यह पैसा कुछ और नहीं, बल्कि कंपनी द्वारा दी गई रिश्वत थी ताकि भारत को 12 हेलीकॉप्टर बेचने के सौदों को उसके पक्ष में लागू किया जा सके। ईडी और सीबीआई जेम्स के अलावा गुइडो हैश्के और कार्लो गेरोसा के संदिग्ध बिचौलिए होने के संबंध में जांच कर रही है।