गंगा के मैदानी क्षेत्रों की खेती का अध्ययन करेंगे ब्रिटिश और भारतीय वैज्ञानिक

लंदन, ब्रिटेन और भारत के वैज्ञानिक गंगा के मैदानी इलाकांे में खेती पर जलवायु परिवर्तन के प्रभाव के अध्ययन से जुड़ी एक नयी परियोजना के लिए एकसाथ आये हैं। लीसेस्टर विश्वविद्यालय ने एक बयान में कहा कि भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, कानपुर में होने वाले इस अध्ययन की अगुवाई ब्रिटेन में हार्टमट बोएश और हरजिंदर सेम्बी और भारत में साची त्रिपाठी करेंगे।

ब्रिटेन के लीसेस्टर विश्वविद्यालय के पृथ्वी अवलोकन :ईओ: विभाग में रीडर बोएश ने कहा, ‘‘भारत का गंगा का मैदानी क्षेत्र :आईजीपी: क्षेत्रीय खाद्य आपूर्ति के लिहाज से बहुत महत्वपूर्ण है और पृथ्वी अवलोकन के आंकड़ों के इस्तेमाल से जलवायु परिवर्तन के इस इलाके पर पड़ने वाले प्रभाव का अध्ययन किया जाएगा।’’ आईजीपी का इलाका उत्तर भारत से लेकर पाकिस्तान, बांग्लादेश और नेपाल को जोड़ता है। इस क्षेत्र का वैज्ञानिक और आर्थिक महत्व बहुत ज्यादा है।

विश्वविद्यालय में पोस्ट-डॉक्टोरल रिसर्च एसोसिएट सेम्बी ने कहा कि ब्रिटेन और भारत के वैज्ञानिकों के लिए यह जलवायु से जुड़ी चुनौतियों के अध्ययन के सदंर्भ में अपनी वैज्ञानिक विशेषज्ञता के इस्तेमाल का अहम अवसर है।