अभिनय का शिल्प सीखने के लिए बेहतरीन जरिया है : सौरभ शुक्ला

मुंबई, अभिनेता सौरभ शुक्ला का मानना है कि अभिनय सीखने के लिए रंगमंच सबसे बढ़िया जरिया है और वह चाहते हैं कि ज्यादा से ज्यादा लोग रंगमंच से जुड़े और इसे लोकप्रिय बनायें।

शारीरिक सौष्ठव, अपने लुक्स और नाचने के कौशल पर बहुत ज्यादा ध्यान देने वाले आजकल के अभिनेताओं के बारे में पूछने पर उन्होंने कहा, ‘‘यह किसी की निजी पंसद है..आपकी कला अथवा अभिनय पूरी तरह से आपकी पसंद पर निर्भर है। मैं दूसरों के दृष्टिकोण के बारे में निर्णय करने वाला कौन होता हूं, लेकिन मेरा मानना है कि यदि आप अभिनय शुरू करते हैं, तो रंगमच अभिनय कला का शिल्प सिखाने वाला बेहतरीन माध्यम है।’’ बॉलीवुड फिल्म उद्योग में सौरभ शुक्ला और नशीरद्दीन शाह जैसे बहुत कम कलाकार हैं, जिन्होंने मुख्य धारा के सिनेमा और रंगमंच दोनों माध्यमों में अपनी पहचान बनायी है।

शुक्ला चाहते हैं कि रंगमंच को लोकप्रिय बनाने के लिए ज्यादा से ज्यादा लोगों को इससे जुड़ना चाहिये और व्यापक दर्शकों तक अपनी पहुंच बढ़ानी चाहिये।

शुक्ला ने पीटीआई भाषा से कहा, ‘‘कोई भी अभिनेता को रंगमंच अथवा नाटक करने के लिए बाध्य नहीं कर सकता। यह उनकी अपनी पसंद है, और अंदर से ही आती है। जहां तक मेरी बात है, तो इसके लिए मेरी कोई योजना नहीं थी। मैंने समय का उपयोग कर सकता था और फिल्में कर सकता था, लेकिन मैंनें रंगमंच करना पसंद किया।’’ उन्होंने कहा, ‘‘मैं बहुत सारी फिल्में करके खुश हूं और मैं कर रहा हूं और इतनी सारी फिल्में करके संतुष्ट हूं। मेरे पास जो समय बचता था, तो मैंने इसे खुद को संवारने में लगाया।’’