निजी अस्पतालों में सीजेरियन प्रसव में काफी वृद्धि : आरटीआई

मुंबई,  आरटीआई से मिली एक जानकारी में यह खुलासा हुआ है कि वर्ष 2010 और 2015 के बीच मुंबई में सरकारी अस्पतालों की तुलना में निजी अस्पतालों में सीजेरियन प्रसव की संख्या में काफी इजाफा हुआ है।

मुंबई की रहने वाली शोधार्थी सुबर्णा घोष का समर्थन करने वाले संगठन ‘ऑनलाइनआरटीआई डॉट कॉम’ ने इस संदर्भ में ‘सूचना का अधिकार’ के तहत एक सवाल पेश किया था। सुबर्णा ने हाल में सीजेरियन प्रक्रियाओं के बारे में ‘चेंज डॉट ओआरजी’ पर एक ‘ऑनलाइन याचिका’ शुरू की थी।

बृहन्मुंबई महानगरपालिका के जन स्वास्थ्य विभाग के सहायक स्वास्थ्य अधिकारी के कार्यालय ने मुंबई में प्रसव से संबद्ध साल दर साल का आंकड़ा उपलब्ध कराया।

इसके अनुसार वर्ष 2010 में मुंबई में नगर निगम एवं राज्य सरकार द्वारा संचालित अस्पतालों में सामान्य प्रसव के 87,509 मामले थे जबकि सीजेरियन से हुए प्रसव की संख्या 9,593 :कुल 1,84,916 प्रसव का पांच प्रतिशत: थी। निजी अस्पतालों में सामान्य प्रसव के मामलांे की संख्या 59,540 रही जबकि सीजेरियन से 21,299 :उपयरुक्त कुल का 11 प्रतिशत: प्रसव हुए।

वर्ष 2015 में सरकारी.. नगर निगम के अस्पतालों में 64,816 सामान्य प्रसव हुए और सीजेरियन प्रसव की संख्या 21,744 :कुल 1,74,902 प्रसवों का 12 प्रतिशत: रही। उसी साल निजी अस्पतालों में 44,732 सामान्य प्रसव हुए और सीजेरियन प्रसव बढ़कर 34,465 :कुल प्रसव का 23 प्रतिशत: हो गयी।

चेंज डॉट ओआरजी इंडिया की प्रमुख प्रीति हरमन ने कहा कि चेंज डॉट ओआरजी पर सुबर्णा की याचिका के समर्थन में अब तक 1.4 लाख से अधिक लोग आ चुके हैं।

सुबर्णा ने केंद्रीय बाल एवं महिला कल्याण विकास मंत्री मेनका गांधी को यह याचिका सौंपी थी। मेनका गांधी ने इसके बाद केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय को पत्र लिखकर मुद्दे पर गौर करने के लिये कहा था।