एक हजार रपये का नोट जारी करने की योजना नहीं: दास

नयी दिल्ली, सरकार ने आज स्पष्ट किया कि एक हजार रपये का नोट लाने की उसकी कोई योजना नहीं है। इस समय उसका ध्यान निम्न मूल्यवर्ग के नोटों का उत्पादन बढ़ाने पर है।

आर्थिक मामलों के सचिव शक्तिकांत दास ने आज यह जानकारी देते हुये यह भी कहा कि एटीएम में नकदी की कमी की शिकायतों पर ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने लोगों से भी आग्रह किया है कि वह जरूरत से ज्यादा ध्यान नहीं निकालें।

शक्तिकांत दास ने ट्वीट किया, ‘‘1,000 रपये का नोट लाने की योजना नहीं है। 500 रपये और निम्न मूल्यवर्ग के दूसरे नोटों के उत्पादन, आपूर्ति पर ध्यान दिया जा रहा है।’’ एक अन्य ट्वीट में उन्होंने कहा, ‘‘एटीएम में नकदी समाप्त होने की शिकायतों पर ध्यान दिया जा रहा है। लोगों से आग्रह है कि उतनी ही नकदी निकालें जितने की वास्तव में जरूरत है। कुछ लोगों द्वारा अधिक निकासी दूसरों को इससे वंचित रख सकती है।’’ उल्लेखनीय है कि मीडिया के एक वर्ग में सरकार द्वारा 1,000 रपये का नोट जल्द जारी किये जाने का समाचार दिया गया है। इसमें कहा गया है कि सरकार जल्द ही 1,000 रपये का नोट जारी करेगी, इसके लिये तैयारियां शुरू हो गईं हैं।

वित्त मंत्री अरण जेटली ने पिछले सप्ताह कहा था कि बंद किये गये 500, 1,000 रपये के नोटों के स्थान पर नये नोटों को जारी करने का काम ‘‘करीब करीब सामान्य हो चला है।’’ रिजर्व बैंक दैनिक आधार पर आपूर्ति स्थिति पर नजर रखे हुये है।

सरकार ने कालाधन, नकली नोट और आंतकवादियों को किये जाने वाले वित्तपोषण पर अंकुश लगाने के ध्येय से 8 नवंबर 2016 को उस समय चलन में रहे 500 और 1,000 रपये के नोटों को एक झटके में अमान्य कर चलन से बाहर कर दिया था।