पुष्प प्रदर्शनी के विजेताओं को पुरस्कार वितरित

राष्ट्रीय पुष्प प्रदर्शनी में विजेताओं को आज केन्द्रीय सामाजिक न्याय मंत्री श्री थावरचंद गेहलोतए ऊर्जा मंत्री श्री पारस जैनए सांसद डॉ. चिन्तामणी मालवीय एवं डॉ. सत्यनारायण जटिया ने पुरस्कृत किया। हाइब्रिड टी कट फ्लावर में प्रथम स्थान पर आये सहायक संचालक उद्यान पचमढ़ी ए पूर्णत: खिले हुए गुलाबों में बड़नगर के हीरालाल.रामसिंह प्रथमए सुगंधीत पुष्प में चंदेसरा के श्री मनोहर को प्रथम, यहीं के नंदकिशोर को द्वितीय, देशी गुलाब में कुमारिया के इंद्रेश को प्रथम, जीवन सिंह, चंदेसरा को द्वितीय तथा धर्मेन्द्र सिंह को तृतीय पुरस्कार दिया गया। राष्ट्रीय पुष्प प्रदर्शनी 5 फरवरी को प्रातरू 10 बजे से आमजन के लिए खुली रहेगी।

गुलाब हाइब्रिड में मक्सी रोड के अन्तरसिंह बापूसिंह, गुलाब मिनीएचर में दमदमा उज्जैन की साक्षी.मोतीसिंह, गुलाब फ्लोरिबंडा में घुड़ावन बड़नगर की विधान नर्सरी, बोन्साई में उज्जैन की प्रीति मूथा, सेवन्ती में बड़नगर की सिया.गुलाबसिंह, गेंदा में खाचरौद के ओंकारलाल, डहेलिया बीजू में जवाहर नगर उज्जैन की आयुषी.सुनील, ॲस्टर में महाश्वेता नगर की प्रत्युशा, स्वीट विलियम में ढाबा रोड के अभिषेक, मिनीएचर कट फ्लावर में पचमढ़ी के सहायक संचालक उद्यान, कट फ्लावर डच रोज में इन्दौर के सतीश.नन्दकिशोर, जरबेरा में उज्जैन के राहुल.भगवानसिंह प्रथम पुरस्कार दिया गया। इसके अलावा अन्य वर्गों में चयनित विजेताओं को पुरस्कृत किया गया। इस अवसर पर महापौर श्रीमती मीना जोनवाल, विधायक श्री दिलीप सिंह शेखावत, श्री अनील फिरोजिया, सतीश मालवीय, श्री इकबाल सिंह गांधी, जिला पंचायत सदस्य श्री किशोर शर्मा एवं कलेक्टर श्री संकेत भोंडवे उपस्थित थे।

केन्द्रीय सामाजिक न्याय मंत्री श्री थावरचंद गेहलोत ने कहा कि उज्जैन जिले के कलेक्टर हमेशा अपने कामों के अलावा अन्य रचनात्मक कामों के लिए जाने जाते हैं, उन्हें दिव्यांगों का काम करने का विशेष अनुभव है। साथ ही देशी.विदेशी फूलों से सजी इस राष्ट्रीय पुष्प प्रदर्शनी से उजजैन जिले के लोगों का परिचय करवाकर निश्चित रूप से किसानों को एक नई दिशा दिखाने काम किया है। उन्होने कहा कि हमारे देश में फूलों का निर्यात भी हो रहा है। रूटीन की खेती से अलग फूलों की खेती में अच्छा मूनाफा होता है। उन्होंने किसानों से फूलों की खेती अपनाने का आव्हान किया है।

ऊर्जा मंत्री श्री पारस जैन ने कहा कि मुख्यमंत्री स्वयं एक किसान है और बड़े पैमाने पर फूलों की खेती कर रहें है। खेती को यदि लाभ का धंधा बनाना है तो गेहूं और सोयाबीन से अलग हट कर खेती अपनाना होगी। उन्होंने कहा यदि किसी के पास एक बीघा खेत है तो वह फूलों की खेती कर अपनी आजिविका कमा सकता है।
सांसद डॉ. चिन्तामणी मालवीय ने कहा कि फूल अभिवयक्ति का माध्यम है, फूलों की अपनी भाषा है। हमारे देश में फूलों का महत्व दिनोदिन बढ़ रहा है। उज्जैन उद्यानिकी का एक बड़ा हब बन गया है। हमारे यहां की जलवायु फूलों की खेती के अनुकूल है। अत: सभी किसान अधिक से अधिक नई तकनीक अपना कर फूलों की खेती करें।
राज्यसभा सदस्य डॉ. सत्यनारायण जटिया ने कहा कि फूलों की खेती में अत्यधिक परिश्रम लगाता है किंतु इससे लाभ भी अधिक होता है। उनहोंने किसानों से कृषि वैज्ञानिकों से फूलों की खेती के गुर सिखने का आव्हान किया। कार्यक्रम का संचालन सुश्री राशि पटेरिया ने किया एवं आभार संयुक्त संचालक उद्यानिकी श्री एसएन नागर ने मानाए कार्य्रक्रम में अतिरिक्त कलेक्टर सुश्री रानी बंसल, उज्जैन विकास प्राधिकरण के सीईओ श्री अभिषेक दुबे, महाकाल प्रशासक श्री अवधेश शर्मा, उद्यानिकी विभाग के उप संचालक श्री पीएल कनैल, कृषि विभाग के उप संचालक श्री एस.के. शर्मा व बड़ी संख्या में किसान व कृषि वैज्ञानिक मोजूद थे।