धरती पर अगर कोई भगवान है, तो वह है किसान – मुख्यमंत्री

प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान शनिवार को शहर के नानाखेड़ा स्टेडियम पर आयोजित राष्ट्रीय कृषि बीमा योजना में फसल बीमा के दावों के वितरण हेतु किसान महासम्मेलन में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। आपने मंच से अपने उद्बोधन में कहा कि धरती पर अगर कोई भगवान है तो वह किसान है। अन्न, फल और सब्जी के बिना जीवन चल नहीं सकता। किसान अगर खेती छोड़ दे तो पूरी दुनिया छूट जायेगी। बिना कृषि के संसार की कल्पना भी नहीं की जा सकती। मुख्यमंत्री ने किसानों के समक्ष अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि पहले के समय में खेती करना अत्यन्त मुश्किल कार्य था, उस समय से “मैं स्वयं कृषि से जुड़ा हूं। मैंने हल, बक्खर और उसके पश्चात ट्रेक्टर चलाने का कार्य भी किया है। किसानों के परिश्रम से मैं भलीभांति परिचित हूं।”

प्रदेश का मुख्यमंत्री बनने के बाद मेरा सपना था कि खेती को लाभ का धंधा बनाया जाये। इस हेतु सरकार की ओर से कोई कसर नहीं छोड़ी जायेगी। इसमें पहली आवश्यकता प्रदेश में सिंचाई की व्यवस्था को दुरूस्त करना था। प्रदेश में वर्ष 2003 में जहां मात्र 07 लाख हेक्टेयर में सिंचाई होती थी, वहीं आज 40 लाख हेक्टेयर कृषि भूमि में सिंचाई की जा रही है। बड़ी सिंचाई योजनाओं पर मध्य प्रदेश शासन द्वारा 44 हजार 521 करोड़ रूपये की राशि खर्च की गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि विभिन्न नदियों को आपस में जोड़ने का कार्य भी शासन द्वारा किया जा रहा है। शिप्रा में नर्मदा का जल लाने के बाद अब शासन लगातार इस दिशा में कार्यरत है। इसके पश्चात गंभीर नदी को भी नर्मदा से जोड़ने का कार्य शुरू किया जायेगा। खेत का कोई भी हिस्सा सूखा न रहे, यही सरकार की मंशा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रत्येक वर्ष बड़ी संख्या में छोटी-छोटी सिंचाई योजनाएं भी बनाई जा रही है। किसानों को खाद-बीज के लिये शासन द्वारा 01 लाख रूपये ऋण के तौर पर दिये जाने का प्रावधान है। इसमें किसान एक वर्ष बाद 90 हजार रूपये लौटाएंगे। किसानों को उन्नत बीज के साथ-साथ यूरिया भी भरपूर मात्रा में उपलब्ध कराया जा रहा है। सभी अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश हैं कि वे खेतों में जाकर किसानों की समस्याओं को सुनें और उन्हें हरसंभव मदद तत्काल मुहैया कराएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि एक बार किसी कृषक की फसल बर्बाद हुई तो उसे आने वाले कई सालों तक तकलीफ होती है। इस पीड़ा को मैं भलीभांति जानता हूं। फसल बर्बाद होने पर तुरन्त पंचनामा तैयार कर किसानों को मुआवजा वितरण किया गया है। किसान महासम्मेलन में उज्जैन जिले के 01 लाख 41 हजार किसानों को 341 करोड़ रूपये फसल बीमा के दावों के तहत प्रमाण-पत्र दिए जाएंगे।

महासम्मेलन में बताया गया कि पूरे मध्य प्रदेश के साढ़े 20 लाख किसानों को 04 हजार 600 करोड़ रूपये की राशि फसल बीमा के मुआवजे के तौर पर वितरित की गई है। मुख्यमंत्री ने मंच से किसानों को दिये अपने सन्देश में कहा कि मध्य प्रदेश मेरा मन्दिर है और जनता ही मेरा ईश्वर है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत प्रदेश के एक-एक किसान को सम्पूर्ण लाभ प्रदाय कराना हमारा उद्देश्य है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्य प्रदेश को लगातार कृषि कर्मण पुरस्कार मिला है। प्रदेश के किसानों को समर्पित है। मध्य प्रदेश में 18 से 20 प्रतिशत कृषि विकास दर दर्ज की गई है, जो कि अपने आप में एक रिकार्ड है। आज 31 क्विंटल प्रति हेक्टेयर से अधिक गेहूं का उत्पादन मध्य प्रदेश के किसान कर रहे हैं। हमारा उद्देश्य है कि अगले पांच सालों में 01 फसलीय भूमि को 02 फसलीय तथा 02 फसलीय भूमि को 03 फसलीय भूमि में रूपांतरित किया जाएगा।
परम्परागत के स्थान पर आधुनिक कृषि का उपयोग

मुख्यमंत्री ने अपने सन्देश में कहा कि किसान परम्परागत कृषि के स्थान पर आधुनिक कृषि का उपयोग करें। रबी व खरीफ की अलग-अलग फसलों को उगाने का प्रयास करें। वर्तमान समय में ऑर्गेनिक फार्मिंग से भी बहुत मुनाफा कमाया जा सकता है। सोयाबीन की फसल अगर रिज-फरो (मेढ-नाली) पद्धति से लगाई जाये तो कृषि आय डेढ़ गुनी हो सकती है। उन्होंने कहा कि किसानों को प्रशिक्षण देने के लिये शासन द्वारा पूरे प्रदेश में 04 हजार कस्टम हायरिंग केन्द्र बनाये जायेंगे। नेशनल एग्रीकल्चर प्लेटफार्म से सभी मंडियों को जोड़ा जायेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसान फूलों, फलों व सब्जियों की खेती की ओर भी ध्यान दें। इससे कम समय में ज्यादा मुनाफा कमाया जा सकता है। फलों व सब्जियों की उपज को मार्केट में उपलब्ध कराने के लिये विभिन्न रूट बनाये जाएंगे। इसके अलावा मधुमक्खी, बकरी व मुर्गी पालन को भी बढ़ावा दिया जाएगा। शासन इस हेतु हरसंभव सहायता किसानों को मुहैया कराएगी। बदले में अपनी मेहनत में भी किसान कोई कसर नहीं छोड़ें।

मुख्यमंत्री ने किसानों से अपील की कि वर्तमान समय की मांग को देखते हुए किसान क्रय-विक्रय हेतु और अन्य सभी भुगतानों के लिये कैशलेस पद्धति को अपनाएं। डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड व मोबाइल बैंकिंग का अधिक से अधिक उपयोग करे। ऑनलाइन पद्धति से किसानों को उनकी कड़ी मेहनत का पैसा सीधे उनके खाते में उपलब्ध कराया जाएगा। इससे बिचौलियों पर भी पूरी तरह से रोक लगेगी। कैशलेस लेनदेन से विकास बढ़ेगा।

मुख्यमंत्री ने अपने सन्देश में कहा कि वे किसान पुत्र को उद्योगपति के रूप में देखना चाहते हैं। उन्होंने किसान भाइयों से अपील की कि कृषि के साथ-साथ फूड प्रोसेसिंग उद्योग भी लगाएं। इस काम के लिये तकनीकी, उत्पाद की मार्केटिंग, ब्राण्डिंग और आर्थिक सहायता की व्यवस्था शासन की तरफ से किसानों को की जाएगी। इसके लिये विधिवत प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। किसान खेती के साथ-साथ लघु उद्योग भी स्थापित करें। किसानों के बच्चों को अच्छी शिक्षा देने के लिये उनके बच्चों की पढ़ाई-लिखाई का पूरा खर्च सरकार उठायेगी। मुख्यमंत्री ने अपील की कि किसान पूरे जुनून और जज्बे के साथ सरकार के कंधे से कंधा मिलाकर कार्य करे। कृषि के विकास का स्वर्णिम इतिहास हमारे द्वारा रचा जायेगा। किसान यह संकल्प लें कि कृषि आय को दोगुना करेंगे। मुख्यमंत्री ने मंच से सभी किसानों को यह संकल्प दिलाया।

प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान का सन्देश सुनने व उन्हें प्रत्यक्ष देखने के लिये अनुमान से अधिक जनता का आगमन नानाखेड़ा स्टेडियम में हुआ। पूरा स्टेडियम किसानों, ग्रामीणों व महिलाओं की भीड़ से खचाखच भरा हुआ था। अनुमानत: एक लाख किसान स्टेडियम में मौजूद थे। सम्मेलन में कृषि विभाग के साथ-साथ अन्य सभी सम्बन्धित विभागों के काउंटर व प्रदर्शनी लगाई गई थी। कृषि विकास व कल्याण विभाग तथा जनसम्पर्क विभाग द्वारा मुख्यमंत्री के 11 सफल वर्षों पर भव्य व आकर्षक प्रदर्शनी भी लगाई गई। लोक सेवा एवं पंजीयन केन्द्र भी लगाये गये। कार्यक्रम में पद्मश्री प्रहलादसिंह टिपाणिया द्वारा कबीर भजन की भी प्रस्तुति दी गई तथा कला पथक दल ने गीत प्रस्तुत किये। जिले में 100 करोड़ रूपये की लागत से किये गये विकास कार्यों का लोकार्पण मुख्यमंत्री एवं अन्य अतिथियों द्वारा किया गया। कार्यक्रम में मंच पर पहुंचने के पश्चात मुख्यमंत्री और अन्य अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारम्भ किया गया। प्रारम्भ में प्रमुख सचिव कृषि श्री राजेश राजौरा ने कहा कि मुख्यमंत्री का यह उद्बोधन पूरे प्रदेश में प्रसारित किया जा रहा है। देश के इतिहास में संभवत: इतनी बड़ी राशि का फसल बीमा आज तक किसी अन्य राज्य में नहीं हुआ है। यह हम सभी के लिये बेहद गर्व की बात है।

सांसद डॉ.चिन्तामणि मालवीय ने अपने उद्बोधन में कहा कि मुख्यमंत्री मध्य प्रदेश में कृषि क्रान्ति के प्रणेता हैं। देश में किसान नेता तो बहुत हैं, लेकिन पहली बार कोई किसान मुख्यमंत्री के रूप में मिले हैं। किसानों की हर तकलीफ में मुख्यमंत्री श्री चौहान हमेशा उनके साथ रहे हैं। उन्होंने अपनी ओर से मुख्यमंत्री श्री चौहान का आभार व्यक्त किया और शुभकामनाएं दीं।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री द्वारा उज्जैन जिले के किसानों को प्रमाण-पत्र भी वितरित किये गए। इनमें फसल बीमा के कुछ हितग्राही किसानों को फसल बीमा के प्रमाण-पत्र वितरित किये गए। मुख्यमंत्री ने घट्टिया तहसील के ग्राम बोरखेड़ाभल्ला के कृषक श्री दिनेशसिंह को एक लाख 32 हजार रूपये, तराना के ग्राम टुकराल निवासी श्री ओमप्रकाश को दो लाख एक हजार रूपये, टुकराल की ही श्रीमती रोड़ीबाई को एक लाख 29 हजार रूपये, बड़नगर के ग्राम ग्राम सोहड़ के श्री भूपेन्द्रसिंह पण्ड्या को तीन लाख 69 हजार रूपये, ग्राम लिंबास के श्री जगदीश को 89 हजार रूपये का प्रमाण-पत्र वितरित किया। इसी के साथ मुख्यमंत्री ने उज्जैन तहसील के ग्राम लेकोड़ा के श्री हीरालाल को ट्रेक्टर खरीदी के लिये एक लाख 25 हजार रूपये की सहायता राशि का चेक वितरित किया। सेमलिया नसर के श्री प्रतापसिंह को मृदा स्वास्थ्य कार्ड का प्रमाण-पत्र तथा ग्राम फाजलपुरा की कृषक श्रीमती पारोलबाई को गंभीर किनारे फसल चक्र परिवर्तन कर चना बोने के लिये प्रशस्ति-पत्र प्रदाय किया। उज्ज्वला योजना के तहत उज्जैन निवासी दो महिलाओं हीरूबाई तथा सुंदरबाई को उज्ज्वला गैस किट का वितरण भी मुख्यमंत्री द्वारा किया गया। ताजपुर के श्री हीरालाल को जिला स्तरीय सर्वोत्तम कृषक का पुरस्कार प्रदाय किया गया।

किसान महासम्मेलन में किसान मोर्चा के श्री केशरसिंह पटेल एवं अन्य सहयोगियों ने मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान को हल भेंट किया तथा साफा बांधा।
मुख्यमंत्री ने प्रदर्शनी का अवलोकन किया मुख्यमंत्री श्री चौहान ने ई-रिक्शा पर सवार होकर प्रदर्शनी स्थल पर बनाये गये बलराम ताल व स्प्रिंकलर खेती के प्रदर्शन प्लॉट का अवलोकन किया तथा मौजूदा किसानों का अभिवादन किया।

आभार सीईओ जिला पंचायत श्रीमती रूचिका चौहान द्वारा व्यक्त किया गया। कार्यक्रम में सिंहस्थ केन्द्रीय समिति के अध्यक्ष श्री माखनसिंह, विधायक डॉ.मोहन यादव, श्री अनिल फिरोजिया, श्री दिलीपसिंह शेखावत, श्री बहादुरसिंह चौहान, श्री सतीश मालवीय, श्री मुकेश पण्ड्या, महापौर श्रीमती मीना जोनवाल, जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक के अध्यक्ष श्री किशनसिंह भटोल, पूर्व विधायक श्री लालसिंह राणावत, श्री शान्तिलाल धबाई, कृषि उत्पादन आयुक्त श्री पीसी मीना, संभागायुक्त डॉ.रवीन्द्र पस्तोर, एडीजी श्री व्ही.मधुकुमार, कलेक्टर श्री संकेत भोंडवे, पुलिस अधीक्षक श्री एमएस वर्मा आदि मौजूद थे।