संस्कृत भाषा बहुत सरल – ऊर्जा मंत्री श्री जैन

उज्जैन। श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति द्वारा संचालित चिन्तामण जवासिया स्थित वैदिक प्रशिक्षण एवं शोध संस्थान विद्यालय का वार्षिकोत्सव कार्यक्रम ऊर्जा मंत्री श्री पारस जैन, मध्यभारत क्षेत्र के संघचालक श्री अशोक सोहनी, प्रान्त कुटुम्ब प्रबोधन मालवा प्रान्त के श्री विजय केवलिया, विधायक डॉ. मोहन यादव, स्वामी श्री रामेश्वर दास महाराज, कलेक्टर श्री संकेत भोंडवे के आतिथ्य मे संपन्न हुआ। ऊर्जा मंत्री श्री जैन ने इस अवसर पर कहा कि संस्कृत भाषा थोड़े से प्रयास से सीखी जाने वाली सरल भाषा है। संस्थान के विद्यार्थियों का रिजल्ट शत्-प्रतिशत आ रहा है वह प्रशंसनीय है। श्री अशोक सोहनी इस अवसर पर अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि उज्जयनी की पहचान शिक्षा के क्षेत्र से जुडी है। वैदों का प्रशिक्षण एवं उनका अनुसंधान करना आवश्यक है। हमारे वैद प्राचीन है और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उसकी पहचान है।

श्री अशोक सोहनी ने कहा कि वैदों की प्राचीन रचनाएं हजारों वर्षों से चली आ रही है। वैदों के पाठ में स्व-स्वर होना महात्वपूर्ण है उसकी ध्वनि से ऊर्जा मिलती है। जिससे मन मस्तिष्क में अपने आप स्वर निकलते है। हमारे वैदों को समझना आवश्यक है हमारे समाज जीवन के क्षेत्र में वैदों का उल्लेख मिलता है। आज का आधुनिक विज्ञान वैद की भाषा नहीं जानता है परंतु समन्वय कर जानने की आवश्यकता पर जोर दिया। संस्कृत की भाषा को हमें गंभीरता से समझना होगा और उसका ज्ञान लेना आवश्यक है। वैदों के अनुसंधान में सांइन्स और रिलिजन एक दूसरे के पूरक हैं। वैदों के भण्डार में रत्नों को खोजना है। वैदों को लिखने वालों ने मानव जीवन के कल्याण के लिए लिखें हैं जिसे हमें समझना होगा। श्री सोहनी ने वैदों की खोज को सामने लाकर उनका अनुसंधान करने की आवश्यकता पर जोर दिया। अच्छे स्वास्थ्य के लिए मलखंभ की पदृति ठीक है और यह विधा लुप्त नहीं हाना चाहिए। मलखंब व्यायाम भारत की पहचान है और इसका प्रशिक्षण होना आवश्यक है। प्रतिभाओं की साधना से मलखंब की विधा विकसित होती है। मलखंब पूर्ण रूप से भारतीय है। इसे अधिक से अधिक बच्चों में प्रेरित किया जाए। वैदिक प्रशिक्षण एवं शोध संस्थान अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नंबर वन पर रहे ऐसी शुभकामना दी।

विधायक डॉ. मोहन यादव ने भी अपने विचार व्यक्त कर नई संभावना का रूप लेकर संस्थान बड़ा आकार ले रहा है वह प्रशंसनीय है। उन्होंने क्षेत्र में पानी की समस्या का अवगत कराते हुए कलेक्टर से आग्रह किया कि पानी की समस्या का समाधान कराया जाए। कार्यक्रम के प्रारंभ में कलेक्टर श्री संकेत भोंडवे ने अतिथियों का शाल एवं पुष्पगुच्छ तथा भगवान श्री महाकाल का प्रसाद पैकेट भेंट कर सम्मानित किया। उप प्रशासक श्री अवधेश शर्मा ने कलेक्टर का शाल, पुष्पगुच्छ भेंट कर सम्मान किया। अतिथियों ने ‘पुराणेतिवृत्तम्’ पुस्तक का विमोचन किया। यह पुस्तक पुराणों में विविध मत-संप्रदाय और स्थापत्य- कला के 58 शोध आलेखों का प्रकाशन किया गया है। प्रकाशन श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति एवं अखिल भारतीय इतिहास संकलन योजना नई दिल्ली के संयुक्त तत्वावधान में किया गया है।