शीला दीक्षित के दामाद को नहीं मिली जमानत

नयी दिल्ली,  एक स्थानीय अदालत ने दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित के दामाद सैयद मोहम्मद इमरान को पत्नी की संपत्ति की चोरी एवं गबन के मामले में जमानत देने से इनकार कर दिया।

मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट पंकज शर्मा ने सैयद मोहम्मद इमरान को राहत देने से इनकार कर दिया जिन्हें बंेगलूरू से गिरफ्तार कर ट्रांजिट रिमांड पर यहां लाया गया था। अदालत ने उन्हें दो दिसंबर तक के लिए न्यायिक हिरासत में भेज दिया।

कल अदालत ने हिरासत में पूछताछ के वास्ते इमरान की दो दिन की हिरासत को बढ़ाने की पुलिस की गुजारिश मानने से इनकार कर दिया था और कहा था कि पुलिस को पर्याप्त समय दिया गया। इमरान की पुलिस हिरासत कल खत्म हुई थी।

इमरान की जमानत अर्जी पर बहस के दौरान जांच एजेंसी ने उनके दरख्वास्त का यह कहते हुए विरोध किया कि यदि जमानत दे दी गयी तो वह सबूतों के साथ छेड़छाड़ कर सकते हैं एवं गवाहों को डरा धमका सकते हैं । जांच एजेंसी ने यह भी कहा कि जांच अभी चल ही रही है।

शिकायतकर्ता की वकील ने भी जमानत अर्जी का यह कहते हुए विरोध किया कि अपराध बहुत ही गंभीर किस्म के हैं और आरोपी के खिलाफ ये आरोप भी हैं कि उन्होंने पत्नी की हत्या करने का प्रयास किया।

शीला दीक्षित की बेटी लतिका और इमरान ने 1996 में शादी की थी लेकिन वे पिछले 10 महीने से एक दूसरे से अलग रह रहे हैं।

लतिका ने जून में शिकायत दर्ज करायी थी कि दिल्ली विधानसभा चुनाव में उनकी मां के हार जाने के बाद उनके प्रति इमरान का दृष्टिकोण बदल गया है और वह आक्रामक एवं अक्खड़ हो गए हैं।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि इमरान ने मई में नैनीताल में उनके स्वामित्व वाली जमीन के कागजात ले लिए, जबकि उन्होंने उन्हें ऐसा नहीं करने को कहा था।

पुलिस के अनुसार लतिका का यह भी आरोप है कि मध्य दिल्ली में हेलीरोड पर स्थित उनके घर में उनके कुछ सामान गायब हैं तथा जब कभी उन्होंने इन सामानों के बारे में पूछा तो इमरान टालमटोल करने लगते हैं । लतिका के अनुसार उनके पति वहां से उनके गहने एवं अन्य महंगे सामान ले गए।