नेशनल लोक अदालत 12 नवम्बर को

उज्जैन 09 नवम्बर। नेशनल लोक अदालत आगामी 12 नवम्बर को आयोजित होने जा रही है। जिला मुख्यालय उज्जैन एवं उज्जैन जिले की पांचों तहसीलों में लोक अदालतों का आयोजन होगा। लोक अदालतों के लिये जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा 40 खण्डपीठों का गठन किया गया है। जिला प्रशासन द्वारा भी 33 विभागों की खण्डपीठें गठित की गई हैं। इस सम्बन्ध में जिला एवं सत्र न्यायाधीश तथा अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण श्री बी.के.श्रीवास्तव ने आज बुधवार को एक पत्रकार वार्ता में नेशनल लोक अदालत आयोजन की विस्तृत जानकारी दी। पत्रकार वार्ता में नेशनल लोक अदालत संयोजक श्री प्रदीप कुमार व्यास, सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण श्री रघुवीरप्रसाद पटेल, मण्डल अभिभाषक संघ के अध्यक्ष पं.योगेश व्यास, जिला विधिक सहायता अधिकारी श्री वीरेन्द्र चडार तथा पत्रकारगण उपस्थित थे।

      नेशनल लोक अदालतों के द्वारा समझौतायोग्य आपराधिक प्रकरण, सिविल, विद्युत अधिनियम, श्रम अधिनियम, मोटर दुर्घटना दावा, परक्राम्य लिखत अधिनियम की धारा 138 के प्रकरण, कुटुम्ब न्यायालय से सम्बन्धित प्रकरण, ग्राम न्यायालय, राजस्व न्यायालय, प्रीलिटिगेशन, घरेलू हिंसा प्रकरण, सर्विस मेटर्स पे एण्ड अलाउंस, सेवा निवृत्ति सम्बन्धी लाभ, नगर पालिक निगम जलकर, सम्पत्ति कर, सफाई कर, नक्शा स्वीकृति से अधिक निर्माण के मामले, जन्म-मृत्यु प्रमाण-पत्र बनाने सम्बन्धी मामले, भूमि अर्जन मामले, सुखाधिकार के मामले, मनरेगा, आयकर, विक्रय कर, अप्रत्यक्ष कर, छात्रवृत्ति आदि प्रकरणों का निराकरण किया जायेगा।

      जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने पत्रकार वार्ता में बताया कि नेशनल लोक अदालत में नगर पालिक निगम तथा नगर पालिकाओं द्वारा वित्तीय वर्ष 2015-16 तक बकाया पर जलकर तथा अधिभार के तहत 10 हजार रूपये तक के अधिभार में सौ प्रतिशत तथा 10 हजार रूपये से 50 हजार रूपये तक अधिभार में 75 प्रतिशत छूट मिलेगी। इसी तरह सम्पत्ति कर तथा अधिभार के मामले में 50 हजार रूपये तक अधिभार में सौ प्रतिशत और 50 हजार रूपये से एक लाख रूपये तक अधिभार में 75 प्रतिशत व एक लाख रूपये से अधिक अधिभार में 25 प्रतिशत छूट मिलेगी। छूट मात्र एक बार ही दी जायेगी। छूट उपरान्त राशि अधिकतम दो किश्तों में जमा कराई जायेगी, जिसमें से कम से कम 50 प्रतिशत राशि लोक अदालत के दिन जमा कराई जाना अनिवार्य होगा। यह छूट सिर्फ 12 नवम्बर की वार्षिक नेशनल लोक अदालत के लिये मान्य होगी।

लोक अदालत के माध्यम से विद्युत विभाग द्वारा भी लम्बित प्रकरणों में निम्नदाब श्रेणी के सभी घरेलू, सभी कृषि, पांच किलोवाट भार तक के गैर-घरेलू, 10 अश्वशक्ति भार तक के औद्योगिक उपभोक्ताओं को छूट दी जायेगी। इसके अन्तर्गत प्रीलिटिगेशन स्तर पर कंपनी द्वारा आंकलित सिविल दायित्व राशि पर 40 प्रतिशत एवं आंकलित राशि के भुगतान में चूक किये जाने पर निर्धारण आदेश जारी होने की तिथि से 30 दिवस की अवधि समाप्त होने के बाद प्रत्येक छहमाही चक्रवृद्धि दर अनुसार 16 प्रतिशत प्रतिवर्ष की दर से लगने वाले ब्याज की राशि पर सौ प्रतिशत की छूट मिलेगी। लिटिगेशन स्तर पर कंपनी द्वारा आंकलित सिविल दायित्व की राशि पर 25 प्रतिशत एवं आंकलित राशि के भुगतान में चूक किये जाने पर निर्धारण आदेश जारी होने की तिथि से 30 दिवस की अवधि समाप्त होने के बाद प्रत्येक छहमाही चक्रवृद्धि दर अनुसार 16 प्रतिशत प्रतिवर्ष की दर से लगने वाले ब्याज की राशि पर सौ प्रतिशत की छूट मिलेगी। नियमित उपभोक्ता, जो बीपीएल कार्डधारक हैं, उनके अगस्त तक के देयक की बकाया मूल राशि में 50 प्रतिशत तथा अधिभार में सौ प्रतिशत की छूट रहेगी। सामान्य उपभोक्ता को अगस्त तक के देयक की बकाया के अधिभार में सौ प्रतिशत की छूट रहेगी। आवेदक को निर्धारित छूट के उपरान्त शेष देयक आंकलित सिविल दायित्व एवं ब्याज की राशि का एकमुश्त भुगतान करना होगा। छूट मात्र एक बार ही दी जायेगी। पूर्व में छूट प्राप्त कर चुके उपभोक्ता को दोबारा छूट नहीं दी जायेगी।

      नेशनल लोक अदालत के लिये जिला प्रशासन द्वारा अपर कलेक्टर श्री जयन्त जोशी को नोडल अधिकारी तथा अपर कलेक्टर श्री अवधेश शर्मा को समन्वयक नियुक्त किया गया है। लोक अदालत के माध्यम से समझौता करने वाले दोनों पक्षकारों को वन विभाग द्वारा फलदार एवं औषधीय महत्व के पौधे नि:शुल्क प्रतीकस्वरूप दिये जायेंगे।