क्या चीनी नया नशा है, एम्स की वैश्विक संगोष्ठि में इस विषय पर होगी चर्चा

नयी दिल्ली, भारत में दंत स्वास्थ्य का परिदृश्य काफी ‘‘चिंताजनक’’ है और चीनी युक्त पेय पदार्थ तथा जंक फूड का अत्यधिक सेवन स्थिति को और खराब बना रहा है। चिकित्सकों ने चेतावनी दी है कि चीनी के ज्यादा सेवन की आदत ‘‘नशे’’ का रूप ले रही है और इसके कारण दांतों में समस्याएं उत्पन्न हो रही हैं।

एम्स में दंत शिक्षा एवं अनुसंधान केंद्र के प्रमुख डॉ. ओ पी खरबंदा ने पीटीआई-भाषा को बताया, ‘‘देश की 80 से 90 फीसदी आबादी को मसूड़ों से संबंधित हल्की-फुल्की :जिन्जवाइटिस: समस्या है, 60 फीसदी को मध्य दर्जे का जिन्जवाइटिस है और करीब 50 फीसदी आबादी दांतों से संबंधित छोटी-मोटी समस्याओं से जूझ रही है।

उन्होंने बताया, ‘‘शीतल पेय और जंक फूड जिनमें चीनी की मात्रा काफी होती है उनके सेवन से लोगों को अनजाने में ही चीनी का नशा हो जाता है, वे इसके लिए बैचेन हो जाते हैं और अंतत: इससे उनका दंत स्वास्थ्य प्रभावित होता है। यह नशा तंबाकू के नशे के समान हो सकता है इसीलिए यह मुद्दा चिंताजनक है।’’ एम्स में 11 नवंबर को ‘‘क्या चीनी तंबाकू के नशे के समान है’’ विषय पर अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठि का आयोजन होने जा रहा है।