वेनेजुएला में एक राज्य ने स्कूलों में घोषित की ‘‘फूड इमर्जेन्सी’’

कराकस। सरकारी स्कूलों में खाद्यान्न की किल्लत के चलते वेनेजुएला के दूसरे सबसे बड़े राज्य मिरांडा के गवर्नर हेनरिक कैपरीलेज ने ‘‘आपातकाल’’ की घोषणा कर दी है और इस स्थिति के लिए समाजवादी सरकार की ‘‘गलत’’ नीतियों को दोषी ठहराया है। फिर से जनमत संग्रह के आह्वान के बाद, राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को पद से हटाने के लिए अभियान का नेतृत्व कर रहे कैपरीलेज ने कहा ‘‘हम हमारे राज्य में खाद्य आपातकाल का ऐलान कर रहे हैं।’’ कैपरीलेज और उनके मध्य दक्षिण विपक्षी गठबंधन ‘‘डेमोक्रेटिक यूनिटी राउंडटेबल’’ (एमयूडी) ने उस आर्थिक संकट के लिए वामपंथी राष्ट्रपति को जिम्मेदार बताया है जिसके कारण वेनेजुएला में खाद्यान्न और दवाओं की घोर किल्लत हो गई है।
वर्ष 2013 में हुए राष्ट्रपति पद के चुनाव में मादुरो के प्रतिद्वन्द्वी रहे कैपरीलेज आपातकाल लागू करने के बाद स्कूलों, नर्सिंग होम और निशक्त लोगों के केंद्रों के लिए खाद्यान्न की व्यवस्था करने के उद्देश्य से धन की व्यवस्था करेंगे। अब वह निजी क्षेत्र और सहायता संगठनों से खाद्यान्न के लिए मदद ले सकेंगे। कैपरीलेज ने संवाददाताओं से कहा ‘‘देश में लोगों के लिए पर्याप्त खाद्यान्न नहीं है।’’ साथ ही उन्होंने सरकार पर ‘‘उत्पादन की कमी’’ की असली समस्या को दबाने का आरोप भी लगाया।